सौरमंडल के सभी ग्रहों में बुध ग्रह को राजकुमार की उपाधि दी गई है। बुध ग्रह भगवान विष्णु का प्रतिनिधित्व करते हैं। धन, वैभव और सुख का कारक बुध ग्रह को ही माना जाता है। बुध की दिशा उत्तर है तथा उत्तर दिशा को कुबेर का स्थान भी माना जाता है। बुध की कृपा से व्यक्ति धर्म का पालन करता है और हर मुश्किल परिस्थिति में खुद को उसके अनुकूल ढाल लेता है। इसके अतिरिक्त बुध को वाणी, बुद्धि, त्वचा और मस्तिषक की तंत्रिका तंत्र का कारक कहा गया है।
यदि किसी की कुंडली में बुध ग्रह नीच स्थान में बैठा है या बुध अशुभ प्रभाव दे रहा है तो उस जातक को बुध से संबंधित क्षेत्रों में हानि होती है। कुंडली में बुध के प्रभाव को बढ़ाने या उसके कुप्रभाव को कम करने के लिए आप ये चमत्कारी उपाय कर सकते हैं -:
– जन्मकुंडली में बुध ग्रह अशुभ फल दे रहा हो तो भगवान विष्णु का ध्यान करके शुक्ल पक्ष के बुधवार को 9000 की संख्या में बीज मंत्रों के जप की शुरुआत करें।
बुध के तांत्रोक्त मंत्र हैं -:
ऊँ ऎं स्त्रीं श्रीं बुधाय नम:
ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:
– दान योग्य वस्तुएं मूंगी, 5 हरे फल, चीनी, हरे पुष्प, हरी इलायची, कांस्य पत्र, पन्ना सोना, हाथी का दांत, हरी सब्जी, हरा कपड़ा, दक्षिणा सहित दान करें।
– पन्ना रत्न बुधवार को चांदी की अंगूठी में धारण करें। इससे बुध की कृपा आपको मिलती है।
– अगर आपकी कुंडली में बुध नीच स्थान में बैठा है तो हरे रंग के वस्त्र कदापि न पहनें।
जानें कुंडली में बुध के विभिन्न योग और प्रभाव
– बुधवार के दिन चांदी या कांस्य के गोल टुकड़े को हरे रंग के कपड़े में लपेट कर जेब में रखें या अपनी भुजा पर बांध लें।
– यदि आपकी कुंडली में बुध अशुभ हो तो साबुत मूंग के सात दानें, हरा पत्थर और कांसे के गोल टुकड़े को हरे वस्त्र में लपेट कर बुधवार को चलते पानी में बहा दें। पानी में बहाते समय कम से कम सात बार बीज मंत्र पढ़ें।
– बुधवार के दिन किसी किन्नर को हरे रंग के वस्त्र देना शुभ होता है। इससे कुंडली में बुध का शुभ प्रभाव मिलता है
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