मंगलवार, मई 15, 2018

💐 मान सम्मान प्राप्ति के उपाय! 💐

मान सम्मान प्राप्ति के उपाय!

1.मान-सम्मान, प्रतिष्ठा व लक्ष्मी प्राप्ति के लिए किए जाने वाली पूजा,उपाय / टोटकों के लिए पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ होता है।

2.गुरु ग्रह को सौभाग्य, सम्मान और समृद्धि नियत करने वाला माना गया है।शास्त्रों में यश व सफलता के इच्छुक हर इंसान के लिये गुरु ग्रह दोष शांति का एक बहुत ही सरल उपाय बताया गया है।यह उपाय औषधीय स्नान के रूप में प्रसिद्ध है इसे हर इंसान दिन की शुरुआत में नहाते वक्त कर सकता है। नहाते वक्त नीचे लिखी चीजों में से थोड़ी मात्रा में कोई भी एक चीज जल में डालकर नहाने से गुरु दोष शांति होती है और व्यक्ति को समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती है । -

गुड़, सोने की कोई वस्तु ,हल्दी, शहद, शक्कर, नमक, मुलेठी, पीले फूल, सरसों।

3.समाज में उचित मान सम्मान प्राप्ति के लिए रात में सोते समय सिरहाने ताम्बे के बर्तन में जल भर कर उसमें थोड़ा शहद के साथ कोई भी सोने /चाँदी का सिक्का या अंगूठी रख लें फिर सुबह उठकर प्रभु का स्मरण करने के बाद सबसे पहले बिना कुल्ला किये उस जल को पी लें ...जल्दी ही आपकी यश ,कीर्ति बड़ने लगेगी ।

4.रात को सोते समय अपने पलंग के नीचे एक बर्तन में थोड़ा सा पानी रख लें, सुबह वह पानी घर के बाहर डाल दें इससे रोग, वाद-विवाद, बेइज्जती, मिथ्या लांछन आदि से सदैव बचाव होता रहेगा ।

5.दुर्गा सप्तशती के द्वादश (12 वें ) अध्याय के नियमित पाठ करने से व्यक्ति को समाज में मान सम्मान और मनवांछित लाभ की प्राप्ति होती है ।

6.समाज में मान सम्मान की प्राप्ति के लिये कबूतरों/चिड़ियों को चावल-बाजरा मिश्रित कर के डालें, बाजरा शुक्रवार को खरीदें व शनिवार से डालना शुरू करें।

7.अपने बच्चे के दूध का प्रथम दाँत संभाल कर रखे, इसे चाँदी के यंत्र में रखकर गले या दाहिनी भुजा में धारण करने से व्यक्ति को समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

8.यदि आप चाहते हैं कि आपके कार्यों की सर्वत्र सराहना हो, लोग आपका सम्मान करें, आपकी यश कीर्ति बड़े तो रात को सोने से पूर्व अपने सिरहाने तांबे के बर्तन में जल भरकर रखें और प्रात:काल इस जल को अपने ऊपर से सात बार उसार करके किसी भी कांटे वाले पेड़ की जड़ में डाल दें। ऐसा नियमित 40 दिन तक करने से आपको अवश्य ही लाभ मिलेगा।

9.ज्येष्ठा नक्षत्र में जामुन के वृक्ष की जड़ लाकर अपने पास संभल कर रखने से उस व्यक्ति को समाज से / प्रसाशन से अवश्य ही मान सम्मान की प्राप्ति होती है ।

10.गले, हाथ या पैर में काले डोरे को पहनने से व्यक्ति को समाज में सरलता से मान सम्मान की प्राप्ति होती है, उसे हर क्षेत्र में विजय मिलती है।

11.शास्त्रों में लिखा गया है कि -

अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविन:।

चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्।।

इसका सरल शब्दों में मतलब है कि जो व्यक्ति हर रोज अपने बड़े-बुजुर्गों के सम्मान में प्रणाम व चरणस्पर्श कर उनकी सेवा करता है। उसकी उम्र, विद्या,ज्ञान यश और शक्ति लगातार बढ़ती जाती है।

मुकदमें में विजय पाने के कुछ खास उपाय!!

मुकदमें में विजय पाने के कुछ खास उपाय!!

1. जब भी आप अदालत में जाएँ तो किसी भी हनुमान मंदिर में धूप अगरबत्ती जलाकर, लड्डू या गुड चने का भोग लगाकर एक बार हनुमान चालीसा और बजरंग बान का पाठ करके संकटमोचन बजरंग बलि से अपने मुकदमे में सफलता की प्रार्थना करें .........आपको निसंदेह सफलता प्राप्त होगी ।

2. आप जब भी अदालत जाएँ तो गहरे रंग के कपड़े ही पहन कर जाएँ ।

3. अपने अधिवक्ता को उसके काम की कोई भी वास्तु जैसे कलम उपहार में अवश्य ही प्रदान करें ।

4. अपने कोर्ट के केस की फाइलें घर में बने मंदिर धार्मिक स्थान में रखकर ईश्वर से अपनी सफलता, अपनी रक्षा के लिए प्रार्थना करें ।

5. यदि ग्यारह हकीक पत्थर लेकर किसी मंदिर में चदा दें और कहें की मैं अमुक कार्य में विजय होना चाहता हूँ तो निश्चय ही उस कार्य में विजय प्राप्त होती है ।

6. यदि आप पर कोई मुसीबत आन पड़ी हो कोई रास्ता न सूझ रहा हो या आप कोर्ट कचहरी के मामलों में फँस गए हों, आपका धैर्य जबाब देने लगा हो, जीवन केवल संघर्ष ही रह गया हो, अक्सर हर जगह अपमानित ही महसूस करते हों, तो आपको सात मुखी, पंचमुखी अथवा ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने चाहियें ।

7. मुकदमे में विजय हेतु कोर्ट कचहरी में जाने से पहले ५ गोमती चक्र को अपनी जेब में रखकर , जो स्वर चल रहा हो वह पाँव पहले कोर्ट में रखे अगर स्वर ना समझ आ रहा हो तो दाहिना पैर पहले रखे , मुकदमे में निर्णय आपके पक्ष में होने की संभावना प्रबल होगी ।

8. जब आप पहली बार मुकदमें से वापिस आ रहे तो रास्ते में किसी भी मजार में गुलाब का पुष्प अर्पित करते हुए ही अपने निवास पर आएँ ।

9. मुकदमें अथवा किसी भी प्रकार के वाद विवाद में सफलता हेतु लाल ध् सिंदूरी मूँगा त्रिकोण की आक्रति का सोने या तांबे मिश्रित अंगूठी में बनवाकर उसे दाहिने हाथ के अनामिका उंगली में धारण करें , इससे सफलता की संभावना और अधिक हो जाती है ।

10. मुकदमें में विजय प्राप्ति हेतु घर के पूजा स्थल में सिद्धि विनायक पिरामिड स्थापित करके प्रत्येक बुधवार को गन गणपतए नमो नमः मंत्र का जाप करें । जब भी अदालत जाएँ इस पिरामिड को लाल कपड़े में लपेटकर अपने साथ ले जाएँ ....आपको शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी ।

11. यदि आपका किसी के साथ मुकदमा चल रहा हो और आप उसमें विजय पाना चाहते हैं तो थोडे से चावल लेकर कोर्ट / कचहरी में जांय और उन चावलों को कचहरी में कहीं पर फेंक दें ! जिस कमरे में आपका मुकदमा चल रहा हो उसके बाहर फेंकें तो ज्यादा अच्छा है ! परंतु याद रहे आपको चावल ले जाते या कोर्ट में फेंकते समय कोई देखे नहीं वरना लाभ नहीं होगा ! यह उपाय आपको बिना किसी को पता लगे करना होगा ।

12. अगर आपको किसी दिन कोर्ट कचहरी या किसी भी महत्वपूर्ण काम के लिए जाना हो , तो आप एक कागजी नींबू लेकर उसके चारों कोनो में एक साबुत लौंग गाड़ दें और ईश्वर से अपने कार्यों के सफलता के लिए प्रार्थना करते हुए उसे अपनी जेब में रखकर ही कहीं जाएँ ....उस दिन आपको सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी ।

13. भोज पत्र पर लाल चन्दन से अपने शत्रु का लिखकर शुद्द शहद में डुबोने से शत्रु के मन में आपके प्रति प्रेम और सहानुभूति के भाव जाग्रत हो जाते है।

14. सूर्योदय से पूर्व काले चावल के 11 दाने क्रीं बीज मन्त्र का 21 बार उच्चारण करते हुए दक्षिण दिशा में डाल दें शत्रु का व्यवहार आपके प्रति बदलना शुरू हो जायेगा ।

15. यदि आपको लगता है की आप सही है आपको गलत फंसाया गया है तो आप जब भी अदालत जाएँ लाल कनेर का फूल भिगो कर उसे पीस कर उसका तिलक लगा कर अदालत में जाएँ परिस्थितियाँ आपके अनुकूल होने लगेगी ।

16. एक मुट्ठी तिल में शक्कर मिलाकर किसी सुनसान जगह में ईश्वर से अपने शत्रु पर विजय की प्रार्थना करते हुए डाल दें फिर वापस आ जाएँ पीछे मुड़ कर न देखे शत्रु पक्ष धीरे धीरे शांत हो जायेगा ।

17. जिस दिन न्यायालय जाना हो उस दिन तीन साबुत काली मिर्च के दाने थोड़ी सी शक्कर के साथ मुँह में डालकर चबाते हुए जाएँ, न्यायालय में अनुकूलता रहेगी ।

18. यदि आपके वकील में ही आपके केस में विजय के प्रति संदेह हो, गवाह के मुकरने या आपके विरुद्ध होने का खतरा हो, जज आपके विपरीत हो तो विधि पूर्वक हत्था जोड़ी को अपने साथ ले जाएँ ......आप चमत्कारी परिवर्तन महसूस करेंगे ।

*अगर जीवनभर करते रहे यही 5 काम, हमेशा बने रहेंगे कंगाल-*

*अगर जीवनभर करते रहे यही 5 काम, हमेशा बने रहेंगे कंगाल-*

हिंदू धर्म ग्रंथों में जीवनशैली से जुड़ी अनेक बातों का सविस्तार वर्णन किया गया है। इसी जीवनशैली का अनुसरण करते हुए हमारे पूर्वजों ने कुछ नियमों और कर्तव्यों को परंपरा का रूप दे दिया। लेकिन कुछ लोग इन अच्छी परंपराओं का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इन परंपराओं का पालन नहीं करने पर मनुष्य कभी भी गरीबी से मुक्त नहीं हो पाता है। तो आईए जानें, वो 5 बातें जिसके के चलते मनुष्य आजीवन परेशानियों से घिरा रहता है। इन कार्यों से दूरी बनाकर हम सभी सुखी और समृद्ध जीवन बिता सकते हैं।

*1- बृहस्पतिवार को दाढ़ी बनाना*

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु का माना गया है। इस दिन सेविंग करने वाले व्यक्ति से देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। ऐसे में गरीबी उस व्यक्ति का कभी साथ नहीं छोड़ती जो गुरूवार को शेविंग करते हैं। मंगलवार, गुरूवार और शनिवार को भी सेविंग नहीं करनी चाहिए।

*2-रात में नाखून काटना*

कुछ लोगों की आदत होती है कि वो रात के समय ही खाली होने पर अपने नाखून काटते हैं। रात में नाखून काटने को अपशकुन माना गया है। रात में नाखून काटने वाले व्यक्ति के घर लक्ष्मी कभी निवास नहीं करती हैं।

*3- रात में तुलसी को स्पर्श करना*

संध्याकाल में दीपक जलाने के बाद रात में तुलसी का स्पर्श करना महापाप माना गया है। रात को ना ही तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए और ना ही छूने चाहिए। ऐसा करने से महालक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।

*4- शाम को झाड़ू लगाना*

कुछ लोगों की पुरानी आदत होती है कि वो घर में शाम को झाड़ू लगाते हैं। ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है। ऐसा करने वाले जीवनभर अमीर नहीं बन पाते हैं। अतः शाम के वक्त कभी भी झाड़ू नहीं निकालना चाहिए।

*5-गृहलक्ष्मी का अपमान*

पुराणों में कहा गया है कि जिस घर में महिला का सम्मान किया जाता है वहां देवता निवास करते हैं। इससे बात से समझ सकते हैं कि किसी स्त्री के अपमान करने पर आप कितना सुखी रह सकते हैं। जी हां, चाहे आपकी पत्नी हो या किसी दूसरे घर की स्त्री, उसका अपमान करने से घर में दरिद्रता और अशांति हमेशा बनी रहेगी।

        

इन वास्तुदोष के कारण होता हें मधुमेह/शुगर या डायबिटीज का रोग..!!!

इन वास्तुदोष के कारण होता हें मधुमेह/शुगर
या डायबिटीज का रोग..!!!
मधुमेह /डायबिटीज निवारण हेतु के लिए वास्तु नियम–
वास्तु शास्त्र प्राचीन वैज्ञानिक जीवन
शैली है वास्तु विज्ञान सम्मत तो है
ही साथ ही वास्तु का सम्बन्ध ग्रह
नक्षत्रों एवम धर्म से भी है ग्रहों के अशुभ होने
तथा वास्तु दोष विद्यमान होने से व्यक्ति को बहुत भयंकर
कष्टों का सामना करना पड़ता है. वास्तु शास्त्र अनुसार पंच
तत्वों पृथ्वी,जल,अग्नि,आकाश और वायु तथा वास्तु के
आठ कोण दिशाए एवम ब्रह्म स्थल केन्द्र को संतुलित
करना अति आवश्यक होता है जिससे जीवन हमारा एवं
परिवार सुखमय रह सके.
चिकित्सा शास्त्र में बहुत से लक्षण सुनने और देखने में मिलते है
लेकिन वास्तु शास्त्र में बिलकुल स्पष्ट है कि घर/भवन
का दक्षिण-पश्चिम भाग अर्थात नैऋत्य कोण ही इस
रोग का जनक बनता है देखिये कैसे---
( कुछ प्रमुख वास्तुदोष जिनके कारण मधुमेह/शुगर
या डायबिटीज का रोग हो सकता हें)....
—- दक्षिण-पश्चिम कोण में कुआँ,जल बोरिंग या भूमिगत
पानी का स्थान मधुमेह बढाता है।
—–दक्षिण-पश्चिम कोण में
हरियाली बगीचा या छोटे छोटे पोधे
भी शुगर का कारण है।
—–घर/भवन का दक्षिण-पश्चिम कोना बड़ा हुआ है तब
भी शुगर आक्रमण करेगी।
—–यदि दक्षिण-पश्चिम का कोना घर में सबसे छोटा या सिकुड
भी हुआ है तो समझो मधुमेह का द्वार खुल गया।
——दक्षिण-पश्चिम भाग घर या वन की ऊँचाई से सबसे
नीचा है मधुमेह बढेगी. इसलिए यह भाग
सबसे ऊँचा रखे।
——-दक्षिण-पश्चिम भाग में सीवर
का गड्ढा होना भी शुगर को निमंत्रण देना है।
——ब्रह्म स्थान अर्थात घर का मध्य भाग
भारी हो तथा घर के मध्य में अधिक लोहे का प्रयोग
हो या ब्रह्म भाग से
जीना सीडीयां ऊपर कि और
जा रही हो तो समझ ले कि मधुमेह का घर में आगमन
होने जा रहा हें अर्थात दक्षिण-पश्चिम भाग यदि आपने सुधार
लिया तो काफी हद तक आप असाध्य रोगों से मुक्त
हो जायेगे..
मधुमेह/शुगर या डायबिटीज के उपचार के लिए वास्तु
नियम—
------अपने भूखंड और भवन के बीच के स्थान में
कोई स्टोर, लोहे का जाल या बेकार का सामान
नही होना चाहिए, अपने घर क़ी उत्तर-
पूर्व दिशा में नीले फूल वाला पौधा लगाये..
——अपने बेडरूम में कभी भी भूल कर
भी खाना ना खाए।
——अपने बेडरूम में जूते चप्पल नए या पुराने बिलकुल
भी ना रखे।
——मिटटी के घड़े का पानी का इस्तेमाल करे
तथा घडे में प्रतिदिन सात तुलसी के पत्ते डाल कर उसे
प्रयोग करे।
—–दिन में एक बार अपनी माता के हाथ का बना हुआ
खाना अवश्य खाए।
—–अपने पिता को तथा जो घर का मुखिया हो उसे पूर्ण सम्मान दे।
——प्रत्येक मंगलवार को अपने मित्रों को मिष्ठान जरूर दे।
----वृहस्पति देव
की हल्दी की एक गाँठ लेकर
एक चम्मच शहद में सिलपत्थर में घिस कर सुबह
खाली पेट पीने से मधुमेह से मुक्त
हो सकते है।
——रविवार भगवान सूर्य को जल दे कर यदि बन्दरों को गुड खिलाये
तो आप स्वयं अनुभव करेंगे की मधुमेह शुगर
कितनी जल्दी जा रही है।
——ईशानकोण से लोहे की सारी वस्तुए
हटा ले।
इन सब के करने से आप मधुमेह मुक्त हो सकते है.
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डायबिटीज का ज्योतिषीय उपचार---
01 .---ज्योतिषीय उपाय :----
मधुमेह (डायबिटीज) एक वंशानुगत रोग
भी है। शरीर में जब इंसुलिन
की कमी हो जाती है, तो यह
रोग होता है। दवाओं से इसको काबू किया जा सकता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जलीय
राशि कर्क, वृश्चिक या मीन एवं शुक्र
की राशि तुला में दो अथवा अधिक पापी ग्रह
हों तो इस रोग की आशंका होती है। शुक्र
के साथ ही बृहस्पति या चंद्रमा के दूषित होने, त्रिक्
भाव में होने तथा शत्रु राशि या क्रूर ग्रहों (राहु, शनि, सूर्य व
मंगल) से दृष्ट होने से भी यह रोग होता है।
02 .--ज्योतिषीय उपाय :----
मधुमेह होने पर शुक्रवार को सफेद कपड़े में श्रद्धानुसार सफेद
चावल का सोलह शुक्रवार तक दान करना चाहिए। यह दान
किसी मंदिर या जरूरतमंद व्यक्ति को करना चाहिए। साथ
ही "ओम शुं शुक्राय नम:" मंत्र की एक
माला निरंतर करनी चाहिए। इसी प्रकार
बृहस्पति व चंद्रमा की वस्तुओं का दान
किया जाना चाहिए। शाम को या रात्रि में महामृत्युंजय मंत्र
की माला करनी चाहिए। पुष्य नक्षत्र में
संग्रह किए गए जामुन का सेवन करने व करेले का पाउडर सुबह
दूध के साथ लेने से लाभ होता है।
अनुभूत ग्रह स्थितियां :----
कई बार ऐसे जातक भी देखने में आए हैं
जिनकी कुंडली में लग्न पर शनि-केतु
की पाप दृष्टि होती है। चतुर्थ स्थान में
वृश्चिक राशि में शुक्र-शनि की युति, मीन पर
सूर्य व मंगल की दृष्टि और तुला राशि पर राहु स्थित
होकर चंद्रमा पर दृष्टि रखे, ऐसे में जातक प्रतिष्ठित, लेकिन
डायबिटीज से भी पीड़ित
होता है।
प्रमुख कारण :----
ज्योतिष के अनुसार यदि मीन राशि में बुध पर सूर्य
की दृष्टि हो या बृहस्पति लग्नेश के साथ छठे भाव में
हो या फिर दशम भाव में मंगल-शनि की युति या मंगल
दशम स्थान पर शनि से दृष्ट हो, तो यह रोग होता है। इसके
अतिरिक्त लग्नेश शत्रु राशि में, नीच का या लग्न व
लग्नेश पाप ग्रहों से दृष्ट हो व शुक्र अष्टम में विद्यमान हो।
कुछ मामलों में चतुर्थ भाव में वृश्चिक राशि मधुमें शनि-शुक्र
की युति भी डायबिटीज का कारण
होती है।
शुभ नक्षत्रों में औषधि सेवन और हवन :----
नवीन औषधि का आरंभ अश्विनी, पुष्य,
हस्त और अभिजीत नक्षत्रों में करना शुभ है।
गोचरीय ग्रहों की अशुभता को शुभ करने के
लिए औषधीय स्नान करना चाहिए। ग्रहों के दूषित होने
पर हवन करवाना शुभ है। सूर्य की शांति के लिए
समिधा, आक या मंदार की डाली ग्रहण
करनी चाहिए। चंद्रमा के लिए पलाश, मंगल के लिए खदिर
या खैर, बुध के लिए अपामार्ग या चिचिढ़ा, गुरु के लिए
पीपल, शुक्र के लिए उदुम्बर या गूलर, शनि के लिए
खेजड़ी या शमी, राहु के लिए दूर्वा तथा केतु
के लिए कुशा की समिधा, सरल, स्निग्ध
डाली हवन के लिए ग्रहण करनी चाहिए
और ग्रहों के मंत्रों के साथ यज्ञाहुतियां देनी चाहिए।

सोमवार, मई 14, 2018

💐 लाल किताब लाये घर में समृद्धि 💐

लाल किताब लाये घर में समृद्धि

1. घर में समृद्धि लाने हेतु घर के उत्तरपश्चिम के कोण (वायव्य कोण) में सुन्दर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के, लाल कपड़े में बांध कर रखें। फिर बर्तन को गेहूं या चावल से भर दें। ऐसा करने से घर में धन का अभाव नहीं रहेगा।

2. घर में स्थायी सुख-समृद्धि हेतु पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े रह कर लोहे के बर्तन में जल, चीनी, घी तथा दूध मिला कर पीपल के वृक्ष की जड़ में डालने से

3. घर में लम्बे समय तक सुख-समृद्धि रहती है और लक्ष्मी का वास होता है।

4. घर में बार-बार धन हानि हो रही हो तों वीरवार को घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़क कर गुलाल पर शुद्ध घी का दोमुखी (दो मुख वाला) दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाते समय मन ही मन यह कामना करनी चाहिए की भविष्य में घर में धन हानि का सामना न करना पड़े´। जब दीपक शांत हो जाए तो उसे बहते हुए पानी में बहा देना चाहिए।

5. काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर सात बार उसार कर घर के उत्तर दिशा में फेंक दें, धनहानि बंद होगी।

6. घर की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए घर में सोने का चौरस सिक्का रखें। कुत्ते को दूध दें। अपने कमरे में मोर का पंख रखें।

7. अगर आप सुख-समृद्धि चाहते हैं, तो आपको पके हुए मिट्टी के घड़े को लाल रंग से रंगकर, उसके मुख पर मोली बांधकर तथा उसमें जटायुक्त नारियल रखकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।

💐 दुकान की बिक्री बढ़ाने हेतु उपाय 💐

बिक्री बढ़ाने हेतु
★★★★★★★
बिक्री बढ़ाने हेतु : ग्यारह गोमती चक्र
और तीन लघु नारियलों की यथाविधि पूजा कर
उन्हें पीले वस्त्र में बांधकर बुधवार या शुक्रवार को
अपने दरवाजे पर लटकाएं तथा हर पूर्णिमा को धूप दीप
जलाएं। यह क्रिया निष्ठापूर्वक नियमित रूप से करें, ग्राहकों
की संख्या में वृद्धि होगी और
बिक्री बढ़ेगी संतान प्राप्ति के लिए • चार
वीरवार को 900 ग्राम जौं चलते जल में बहाए |
• वीरवार का व्रत भी रखना शुभ होगा | •
राधा कृष्णजी के मंदिर में शुक्ल पक्ष के
वीरवार या जन्माष्टमी को चान्दी
की बांसुरी चढाये | • लाल या
भूरी गायें को आट्टे का पेढा व पानी दे |
उपाय मन से करने से मनोकामना पूरण होगी | बच्चों को
वश में करने का अनुभूत मन्त्र प्रयोग आजकल बच्चे नशे या
कुकर्मों में लिप्त होकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। काम
नहीं करते हैं और यूं ही समय बर्बाद
करते हैं। कहना भी नहीं मानते हैं।
अपने माता-पिता की चिन्ता का कारण बने हुए हैं।
दीपावली, ग्रहण या किसी
शुभ मुहूर्त्त में इस मन्त्र को सिद्ध कर लें।
अमुक के स्थान पर जिस बच्चे को वश में करना है या कन्ट्रोल में
लाना है उसका नाम लें। मन्त्र की दस माला करने के
बाद लौंग, इलायची या मिसरी को 21 बार
मन्त्र पढ़कर अभिमन्त्रित कर लें। बाद मे जिसका नाम लें उसे चाय
में या प्रसाद में देकर खिला दें। वह बच्चा वश में हो जाएगा और
आज्ञा मानेगा। यह प्रयोग पहली बार में सफल न हो
तो पुनः करें। मन्त्र इस प्रकार है- ऊं क्लीम्
क्लीम् अमुकं मम वश्यं कुरु कुरु स्वाहा। बुधवार को
बोलें गणेश की 12 नाम मंत्र स्तुति..हर कदम पर
मिलेगी कामयाबी धर्मग्रंथ भगवान गणेश के
संकटनाशक, विघ्रहर्ता स्वरुप, शक्तियों और गुणों की
महिमा का गान करते हैं। दरअसल, श्री गणेश
की उपासना से मिलने वाले फल जीवन में
उन बातों का महत्व और उपयोगिता को समझने और अपनाने पर जोर
देते हैं, जिनमें बुद्धि, कर्म, ज्ञान और पुरुषार्थ प्रमुख हैं।
ये सभी जीवन में हर संकट दूर कर पग-
पग पर सफलता झोली में डाल देते हैं। अगर आप
भी ऐसे ही सफल जीवन
की कामना करते हैं तो सावन माह, बुधवार और विनायक
चतुर्थी के शुभ योग में यहां बताई जा रही
भगवान गणेश की प्रसिद्ध मंत्र स्तुति का पाठ
नीचे बताई आसान विधि से कर मनोरथ सिद्ध करें - -
स्नान के बाद देवालय में भगवान गणेश का ध्यान कर
श्री गणेश मूर्ति या तस्वीर पर सिंदूर,
चंदन, अक्षत, फूल और 21 दूर्वा दल के साथ मोदक, मिठाई या
किसी फल का भोग लगाएं। दूर्वा चढ़ाते वक्त
नीचे लिखा मंत्र बोलें - दूर्वाङ्कुरान् सुहरितानमृतान्
मङ्गलप्रदान्। आनीतांस्तव पूजार्थं गृहाण गणनायक।।
इसके बाद नीचे लिखा 12 नाम मंत्रों के स्मरण का
श्रीसंकष्टनाशनगणेशस्तोत्रम बोलें व श्री
गणेश आरती कर प्रसाद ग्रहण करें - प्रणम्यं
शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम्।
भक्तावासं स्मरेनित्यमायुष्कामार्थसिद्धये।1। प्रथमं वक्रतुण्डं च
एकदन्तं द्वितीयकम्। तृतीयं कृष्णं
पिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्।2। लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं
विकटमेव च। सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ।3। नवमं
भलाचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्। एकादशं गणपतिं द्वादशं तु
गजाननम्।4। द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं य: पठेन्नर:। न च
विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं परम्।5। विद्यार्थी लभते
विद्यां धनार्थी लभते धनम्। पुत्रार्थी लभते
पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ।6। जपेद् गणपतिस्तोत्रं
षडभिर्मासै: फलं लभेत्। संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ।
7। अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा य: समर्पयेत्। तस्य विद्या
भवेत् सर्वा गणेशस्य प्रसादत:।8। अगर सात दिनों में चाहिए
कालसर्प और पितृ दोष से मुक्ति तो... अगर आपकी
कुंडली में पितृ दोष और कालसर्प जैसे बड़े दोष है तो
आप सावन महीने में कुछ अचूक उपाय करें।
श्रावण माह में सात दिनों तक कुछ अचूक उपाय करें तो आपको
कुंडली के इन बड़े दोषों से होने वाले नुकसान से
जल्दी ही छुटकारा मिल जाएगा। सावन को
पवित्र और शिव का महीना माना गया है। इस
महीने में होने वाली शिव पूजा और उपायों
से कई तरह के दोष और बाधाओं से मुक्ति मिल जाती
है। - प्रतिदिन इक्कीस माला ऊँ नम: शिवाय मंत्र का
जप करें। - रोज भगवान शिव का जलाभिषेक करें। - कालसर्पदोष
निवारक यंत्र घर में स्थापित करें और सरसों के तेल का
दीपक लगा कर नियमित पूजन करें।
- नाग के जोड़े चांदी के बनवाकर उन्हें तांबे के लौटे में
रख बहते पानी में एक बार प्रवाहित कर दें। -
प्रतिदिन स्नान कर के नवनागस्तोत्र का पाठ करें। - पितृ देवता को
धूप दें। - गरीब ब्राह्मण को चावल का दान दें। - 10
वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं।
- रोज सुबह कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें।
नागपंचमी: इन मंत्रों से दूर होता है सांपों का डर सांप का
नाम सुनते ही हर किसी को भय का
अनुभव होने लगता है। देखने में आता है कि कई लोग अज्ञात
रूप से सर्प भय से ग्रसित रहते हैं।
ऐसा पूर्व जन्मों के कर्मों के कारण हो सकता है या फिर कालसर्प
दोष के कारण भी यह संभव है। जिन लोगों को
कालसर्प दोष होता है उन्हें सपनें में भी सांप दिखाई
देते हैं। यदि आप भी ऐसी
ही किसी परेशानी से ग्रसित
हैं तो इसका उपाय महाभारत के आदि पर्व में मंत्रों के माध्यम से
बताया गया है। इन मंत्रों का जप विधि-विधान से किया जाए तो
सभी प्रकार के सर्प भय से मुक्ति मिल
जाती है।