बुधवार, मार्च 28, 2018

राहु का रत्न गोमेद का लाभ

गोमेद गारनेट रत्‍न समूह का रत्‍न है जिसे अंग्रेजी में हैसोनाइट कहते हैं। ज्‍योतिष शास्‍त्र में इसे राहू का रत्‍न माना जाता है। यह लाल रंग लिए हुए पीला एकदम गोमूत्र के रंग जैसा होता है। यह भी एक प्रभावशाली रत्‍न है जो राहू के दोषों को दूर

भारत, ब्राजील और श्रीलंका में सबसे अच्‍छा गोमेद प्राप्‍त होता है। इसके अलावा ऑस्‍ट्रेलिया, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका के साथ कई अन्‍य देशों में भी पाए जाते हैं।

गोमेद रत्न के गुण

शुद्ध गोमेद चमकदार, चिकना होता है। पीला पन लिए हुए यह रत्‍न उल्‍लू की आंख के समान दिखाई देता है। यह सफेद रंग का भी होता है जो इतना चमकता है कि दूर से देखने पर ये हीरे जैसा दिखता है।


ज्‍योतिष और गोमेद रत्न के लाभ
कुंडली में निम्‍न बातें हो तो धारण कर सकते हैं गोमेद:

किसी व्‍यक्‍ति की राशि या लग्‍न मिथुन, तुला, कुंभ या वृष हो तो ऐसे लोगों को गोमेद अवश्‍य पहनना चाहिए।
राहू कुंडली में यदि केंद्र में विराजमान हो अर्थात 1,4,7, 10 भाव में तो गोमेद अवश्‍य धारण करना चाहिए।
अगर राहूं दूसरे, तीसरे, नौवे या ग्‍यारवें भाव में राहू हो तो भी गोमेद धारण करना बहुत लाभदायक होगा।
राहू अगर अपनी राशि से छठे या आठवें भाव में स्थित हो तो गोमेद पहनना हितकर होता है।
यदि राहू शुभ भावों का स्‍वामी हो और स्‍वयं छठें या आठवें भाव में स्थित हो तो गोमेद धारण करना लाभदायक होता है।
राहू अगर अपनी नीच राशि अर्थात धनु में हो तो गोमेद पहनना चाहिए।
राहू मकर राशि का स्‍वामी है। अत: मकर राशि वाले लोगों के लिए भी गोमेद धारण करना लाभ फलों को बढ़ाता है।
राहू अगर शुभ भाव का स्‍वामी है और सूर्य के साथ युति बनाए या दृष्‍ट हो अथवा सिंह राशि में स्थित हो तो गोमेद धारण करना चाहिए।
राहू राजनीति का मारकेश है। अत: जो राजनीति में सक्रीय हैं या सक्रीय होना चाहते हैं उनके लिए गोमेद धारण करना बहुत आवश्‍यक है।
शुक्र, बुध के साथ अगर राहू की युति हो रही हो तो गोमेद पहनना चाहिए।
गलत कामों जैसे चोरी, स्‍मगलिंगआदि कार्यों में लगे लोगों को गोमेद पहनना चाहिए।
वकालत, न्‍याय और राज-काज से संबंधित कार्यों में बेहतर करने के लिए भी गोमेद पहनना चाहिए।

गोमेद रत्न का प्रयोग

गोमेद को शनिवार को चांदी या अष्‍टधातु में जड़वाकर शाम के समय विधिनुसार उसकी उपासना के बाद बीच की अंगुली में धारण करना चाहिए। गोमेद का वजन 6 रत्‍ती से कम नहीं होना चाहिए। इसे पहनने से पहले ऊं रां राहवे नम: का मंत्र 180 बार जप करके गोमेद को जागृत करके पहनना चाहिए।

नवग्रह शांति के उपाय

`                      नवग्रह शांति के उपाय

प्रत्येक गृह कुंडली में अपनी स्तिथि के अनुसार शुभ और अशुभ दोनों प्रभाव देतें है। यदि कोई गृह कुंडली में अपनी स्तिथि के कारण किसी जातक को अशुभ फल दे रहा तो, जातक को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।  नवग्रहों के इन अशुभ प्रभाव से बचने के लिए लाल किताब में अनेकों उपाय बताए गए है, जातक अपनी सहूलियत के हिसाब से इनमे से एक या कई उपायो नको अपना कर नव ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बच सकता है।  आइए जानते है क्या है लाल किताब के ये उपाय –

सूर्य की शांति के उपाय –
1. रविवार का व्रत करे।
2. बहते पानी में गुड, ताम्बा या ताम्बे का सिक्का बहाए।
3. हरीपूजन या हरीवंश पुराण का पाठ करे।
4. विष्णु की नियमित उपासना करे।
5. ताम्बा व गेहू का दान करे।
6. माणिक्य अथवा ताम्बा धारण करे।
7. कुकर्म और गलत काम से बचे।
8. घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में रखे।
9. प्रत्येक काम मीठा खाकर और पानी पीकर करे।
10. नमक का उपयोग कम से कम करे।
11. सूर्योदय से पूर्व उठे।

चन्द्रमा की शांति के उपाय –
1. माँ के चरण स्पर्श कर के आशीर्वाद ले।
2. दूध या पानी भरा बर्तन सिरहाने रख कर सोये और अगले दिन कीकर की जड़ में सारा जल डाल दे।
3. शिव की उपासना करे।
4. सोमवार का व्रत रखे।
5. चावल, दूध  और चांदी का दान करे।
6. मोती या चांदी धारण करे।
7. पूर्णिमा को गंगा स्नान करे।

मंगल की शांति के उपाय –
1. सफ़ेद सुरमा आँखों में लगाए।
2. ताम्बा अथवा मूंगा धारण करे।
3. तंदूर में लगी मीठी रोटी बांटे।
4. बहते पानी में रेवडिया, बताशे, शहद व सिंदूर बहाए।
5. गायत्री मंत्र का जाप करे।
6. मसूर, मिठाई या मीठे भोजन का दान करे।
7. भाई की सेवा करे।
8. मंगलवार का व्रत रखे व हनुमानजी को सिंदूर का चोला चढ़ाये।

बुध की शांति के उपाय –
1. बुधवार का व्रत करे।
2. बकरी या तोते को पाले या सेवा करे।
3. कन्याओं को हरे वस्त्र और हरी चुडिया दान करे।
4. पन्ना धारण करे।
5. दांत साफ़ रखे और नाक छिदवाये।
6. ताम्बे के पत्तर में छेद करके बहते पानी में बहाए।
7. दुर्गा उपासना व दुर्गा सप्तसती का पाठ करे।
8. साबुत हरे मुंग का दान करे।

गुरु की शांति के उपाय –
1. गुरूवार का व्रत रखे।
2. माथे पर पिला तिलक या केसर का तिलक लगाए।
3. केसर खाए या नाभि व जीभ पर लगाए।
4. हरीपूजन या हरिवंश पुराण का पाठ करे।
5. ब्रह्मा की उपासना भी लाभदायी हे।
6. पीपल की जड़ में जल चढ़ाये।
7. साधू व ब्राह्मणों की सेवा करे व् उनका आशीर्वाद ले।
8. पुखराज धारण करे।
9. चने की दाल व स्वर्ण का दान करे।

शुक्र की शांति के उपाय –
1. शुक्रवार का व्रत रखे।
2. अपने भोजन में से गाय को कुछ भाग दे।
3. हीरा धारण करे।
4. गौ दान करे या ज्वार व चरी का दान करे।
5. लक्ष्मी की उपासना करे।
6. घी,कर्पुर,दही का दान करे।
7. सुघंधित पदार्थो का प्रयोग करे।

शनि की शांति के उपाय –
1. शनिवार का व्रत रखे।
2. कीकर की दातुन करे।
3. तैतालिस दिन तक कौवो को रोटी डाले।
4. शनिवार को तेल में छाया देखकर तेल दान करे।
5. भैरव की उपासना करे।
6.  सांप को दूध पिलाए।
7.  तेल पेड़ो की जड़ो में डाले।
8.  तेल से चुपड़ी रोटी कुत्ते या कौवो को खिलाये।
9.  नीलम धारण करे।
10. जोड़ लगा हुआ लोहे का छल्ला धारण करे।

राहू की शांति के उपाय –
1. संयुक्त परिवार में रहे।
2. ससुराल से सम्बन्ध न बिगाड़े।
3. सर पर चोटी रखे।
4. केतु का उपाय करे।
5. जौ को दूध से धोकर बहते पानी में बहाए।
6. मुली का दान करे या कोयला बहते पानी में बहाए।
7. सरस्वती की उपासना करे।
8. सरसों का दान करे।
9. गोमेद धारण करे।
10.  जेब में चांदी की ठोस गोली रखे।

केतू की शांति के उपाय –
1. गणेश चतुर्थी का व्रत रखे।
2. गणेश उपासना करे।
3. कान छिदवाये और कुत्ता पाले।
4. राहू का उपाय करे।
5. कुत्ते को रोटी डाले।
6. काले और सफ़ेद तिल बहते पानी में बहाए।
7. कपिला गाय का दान करे।
8. तिल.निम्बू और केले का दान करे।

दुर्गासप्तशती के ये 5 चमत्कारी मंत्र तंगहाल को भी कर दे मालामाल-

दुर्गासप्तशती के ये 5 चमत्कारी मंत्र तंगहाल को भी कर दे मालामाल-
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आप भी अगर पैसों की जरूरत को पूरी करना चाहते हैं, घर-परिवार में खुशहाली चाहते हैं, या फिर कार्यक्षेत्र में तरक्की चाहते हैं,तो जानिए दुर्गासप्तशती के ऐसे ही 5 चमत्कारी मंत्र व देवी पूजा का आसान तरीका, जो घर-परिवार को खुशहाल कर देते हैं।
सुबह-शाम स्नान के बाद लाल वस्त्र पर विराजित देवी लक्ष्मी या दुर्गा की तस्वीर पर कुंकुम, अक्षत, लाल फूल अर्पित करें। माता को गाय के घी से बने पकवानों का भोग लगाएं। धूप व दीप जलाकर बताए जा रहे मंत्रों का स्मरण हाथ में लाल फूल व अक्षत लेकर करें। मंत्र जप करें तो कम से कम 108 बार करना भी बहुत शुभ होता है। जानिए किस विशेष इच्छा के लिए कौन सा मंत्र चमत्कारी सिद्ध होगा-
भाग्य बाधा दूर करने व सौभाग्य की कामना से इस मंत्र का स्मरण करें-
1..💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
देहि सौभाग्य आरोग्यं देहि में परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि।।

आप अगर अभाव, दरिद्रता या दुःख से घिरे हुए हैं, तो इनसे निजात पाने के नीचे लिखा देवी मंत्र जरूर बोलें-
2. 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
ॐ दुर्गे स्मृता हरसि भीतिशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्रयःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्दचित्ता।।

कोई भी विशेष कामना या सुख की चाहत व घर-परिवार की खुशहाली के लिए हर परिजन इस मंत्र का स्मरण करें-
3.💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

तन, मन हो या धन, हर तरह से बलवान व संपन्न बनने के लिए इस देवी मंत्र का ध्यान बड़ा ही मंगलकारी सिद्ध होता है -
4.💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
ॐ सृष्टिस्थितिविनाशानं शक्तिभूते सनातनि।
गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोस्तुते।।

धन अर्जन, संतान प्राप्ति में बाधा, संतान को कष्ट, दाम्पत्य समस्याओं या किसी भी तरह की परेशानियों को दूर करने के लिए इस मंत्र से शक्ति साधना असरदार व संकटमोचक होती है-
5. 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
सर्व बाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥

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#प्रॉपर्टी_और_पारिवारिक कलह

👉प्रॉपर्टी के काम में लाभ के लिये मंगलवार के दिन लाल चंदन, गुलाब के 4 फूल, 4 साबुत सुपारी रोली में रंगकर लाल कपड़े में बांधकर उत्तर दिशा में तिजोरी, सेफ या लॉकर में रखें व गंगा जल के छीटें अवश्य दें।

👉परिवार में पैसे या किसी भी अन्य वजह से अगर कलह रहती हो, तो शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को दक्षिणावर्ती शंख में पांच कौड़ियां रखकर उसे चावल से भरी चांदी की कटोरी पर घर में स्थापित करें। फर्क कुछ ही दिनों में दिखने लगेगा।

रोग निवारण के उपाय

जिस घर में जब कोई रोग आ जाता है तो उस रोगी के साथ साथ उस घर के सभी व्यक्ति भी मानसिक रूप से चिंता और आशांति का अनुभव करने लगते है , लेकिन कुछ छोटी छोटी बातो को ध्यान में रखकर हम हालत पर काबू पा सकते है , शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते है ।

1.यदि आपके परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तो अगर संभव हो तो उसे सोमवार को डॉक्टर को दिखाएँ और उसकी दवा की पहली खुराक भगवान शिव को अर्पित करके कुछ राशी भी चड़ा दें और रोगी व्यक्ति के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करें , व्यक्ति के बहुत जल्दी ही ठीक हो जाने की सम्भावना बन जाती है ।

2.हर पूर्णिमा को किसी भी शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार को निरोग रखने की प्रार्थना रखें ,तत्पश्चात मंदिर में और गरीबों में कुछ ना कुछ फल,मिठाई और नगद दान अवश्य दें ।

3.रोगी व्यक्ति को मंगलवार और शनिवार किसी भी दिन हनुमान जी की मूर्ति से सिंदूर लेकर उसके माथे पर लगाने से उसका दिल मजबूत होता है और रोगी जल्दी स्वस्थ भी होता है ।

4.यदि कोई बीमार व्यक्ति प्रात: काल एक गिलास पानी लेकर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खड़े होकर एँ मन्त्र का 21 बार जाप करके पी जाय एवं ईश्वर से अपने रोग को दूर करने के लिए प्रार्थना करें तो शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है। यह प्रयोग सोमवार से शुरू करके रविवार तक लगातार 7 दिन तक करना चाहिए ।

5.अशोक के वृक्ष की ताजा तीन पत्तियों को प्रतिदिन प्रातः चबाने से चिंताओं से मुक्ति मिलती है और स्वास्थ्य भी उत्तम बना रहता है ।

6.यदि किसी बीमार व्यक्ति का रोग ठीक ना हो रहा हो तो उसके तकिये के नीचे सहदेई और पीपल की जड़ रखने से बीमारी जल्दी ठीक होती है ।

7.यदि किसी रोगी को मृत्युतुल्य पीड़ा हो रही हो , तो जौ के आटे ( बाजार में यह आसानी से उपलब्ध है ) में काले तिल और सरसों का तेल मिला कर रोटी बना कर रोगी के ऊपर से 7 बार उतार कर भेस को खिलाने से त्वरित लाम होता ह्रै

बुध ग्रह को प्रसन्‍न करने के उपाय


सौरमंडल के सभी ग्रहों में बुध ग्रह को राजकुमार की उपाधि दी गई है। बुध ग्रह भगवान विष्‍णु का प्रतिनिधित्‍व करते हैं। धन, वैभव और सुख का कारक बुध ग्रह को ही माना जाता है। बुध की दिशा उत्तर है तथा उत्तर दिशा को कुबेर का स्थान भी माना जाता है। बुध की कृपा से व्‍यक्‍ति धर्म का पालन करता है और हर मुश्किल परिस्थिति में खुद को उसके अनुकूल ढाल लेता है। इसके अतिरिक्‍त बुध को वाणी, बुद्धि, त्‍वचा और मस्तिषक की तंत्रिका तंत्र का कारक कहा गया है।

यदि किसी की कुंडली में बुध ग्रह नीच स्‍थान में बैठा है या बुध अशुभ प्रभाव दे रहा है तो उस जातक को बुध से संबंधित क्षेत्रों में हानि होती है। कुंडली में बुध के प्रभाव को बढ़ाने या उसके कुप्रभाव को कम करने के लिए आप ये चमत्‍कारी उपाय कर सकते हैं -:

– जन्मकुंडली में बुध ग्रह अशुभ फल दे रहा हो तो भगवान विष्णु का ध्यान करके शुक्ल पक्ष के बुधवार को 9000 की संख्या में बीज मंत्रों के जप की शुरुआत करें।

बुध के तांत्रोक्त मंत्र हैं -:

ऊँ ऎं स्त्रीं श्रीं बुधाय नम:
ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:

– दान योग्य वस्तुएं मूंगी, 5 हरे फल, चीनी, हरे पुष्प, हरी इलायची, कांस्य पत्र, पन्ना सोना, हाथी का दांत, हरी सब्जी, हरा कपड़ा, दक्षिणा सहित दान करें।

– पन्ना रत्‍न बुधवार को चांदी की अंगूठी में धारण करें। इससे बुध की कृपा आपको मिलती है।

– अगर आपकी कुंडली में बुध नीच स्‍थान में बैठा है तो हरे रंग के वस्त्र कदापि न पहनें।

जानें कुंडली में बुध के विभिन्‍न योग और प्रभाव

– बुधवार के दिन चांदी या कांस्य के गोल टुकड़े को हरे रंग के कपड़े में लपेट कर जेब में रखें या अपनी भुजा पर बांध लें।

– यदि आपकी कुंडली में बुध अशुभ हो तो साबुत मूंग के सात दानें, हरा पत्थर और कांसे के गोल टुकड़े को हरे वस्त्र में लपेट कर बुधवार को चलते पानी में बहा दें। पानी में बहाते समय कम से कम सात बार बीज मंत्र पढ़ें।

– बुधवार के दिन किसी किन्‍नर को हरे रंग के वस्त्र देना शुभ होता है। इससे कुंडली में बुध का शुभ प्रभाव मिलता है

इन चीजों को पलंग के नीचे रखने से बदल जाएंगे आपके सितारे।

इन चीजों को पलंग के नीचे रखने से बदल जाएंगे आपके सितारे।

कुंडली में ग्रहों के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए यंत्र, तंत्र, मंत्र का सहारा लिया जाता है। ग्रहों की शांति के लिए मंत्र का सहारा लिया। ग्रहों के अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए उनसे जुड़ी धातुओं का प्रयोग भी किया जा सकता है। इन प्रयोगों से पहले कुंडली का विश्लेषण जरूरी है कि आपको कौनसा ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहा है। आइए  जानते हैं  ग्रहों को अशुभ प्रभावों को दूर करने के कुछ प्रयोग। जिन्हें आप आसानी से कर सकते हैं।

सूर्य :आपकी कुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव दे रहा है तो पलंग के नीचे तांबे के पात्र में जल या तकिए के नीचे लाल चंदन रखने से अशुभ प्रभाव में कुछ कमी आ सकती है।

चन्द्र :आपकी कुंडली में चन्द्र का प्रभाव अशुभ है तो पंलग के नीचे चांदी के बर्तन जल रखें या चांदी के आभूषण पहनना चाहिए।

मंगल :कुंडली में मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए पलंग के नीचे कांसे के बर्तन में जल रखे या सोना-चांदी मिश्रित आभूषण तकिए के नीचे रखें।

बुध :बुध ग्रह के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए तकिए के नीचे सोने के आभूषण रखना चाहिए।

गुरु :पलंग के नीचे पीतल के बर्तन में जल या हल्दी की गांठ पीले कपड़े में बांधकर तकिए के नीचे रखने से गुरु की अशुभता कम होती है।

शुक्र :कुंडली में शुक्र को सबसे सौम्य ग्रह माना जाता है। चांदी की मछली बनाकर तकिए के नीचे रखना चाहिए। पलंग के नीचे चांदी के पात्र में जल रखने से भी शुक्र का अशुभ प्रभाव दूर होता है।

शनि :जिस ग्रह से सब डरते हैं, वह है शनि। शनि के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए पलंग के नीचे लोहे के पात्र में जल रखें या तकिए के नीचे लोहा या नीलम रखें।

राहु के लिए तकिए के नीचे रांगा धातु और केतु के लिए तकिए के नीचे केसर रखना चाहिए जिससे इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव में कमी आती है

वास्तु टिप्स : घर-परिवार के झगड़े खत्म करने के 8 आसान उपाय

                                      
घर में कई अलग-अलग स्वभाव वाले लोग रहते हैं। ऐसे में कई बार एक-दूसरे से आदतें और विचार मेल नहीं खाते हैं। जिससे अक्सर घर के लोगों में मन-मुटाव और झगड़े होने लगते हैं। इन झगड़ों की वजह से घर में हमेशा ही अशांति और क्लेश का माहौल बना रहता है। वास्तु के कुछ छोटे-छोटे उपायों को अपना कर इन झगड़ों से छुटकारा पाया जा सकता है-
1. यदि घर में अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती है तो सफेद चंदन की बनी कोई भी मूर्ति ऐसे स्थान पर रखें, जहां से सभी सदस्यों की नजर उस पर पड़े। इससे पारिवारिक तनाव खत्म होगा और सदस्यों में आपसी विश्वास बढ़ेगा।
2. यदि घर के पुरुष सदस्यों के बीच तनाव और विवाद की स्थिति रहती हो तो ऐसे घर में कदम्ब के पेड़ की डाली रखनी चाहिए। इससे शांति का वातावरण बनता है|
3. घर के अन्य स्थानों की बजाए रसोई घर में बैठकर खाना खाने से घर में राहु का प्रभाव कम होता है और सुख-शांति बनी रहती है।
4. यदि परिवार की महिलाओं में अक्सर अशांति, तनाव और मनमुटाव रहता है तो ऐसे परिवार में सभी महिलाओं को एक साथ लाल रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
5. यदि किसी महिला की वजह से घर में अशांति रहती हो तो शुक्ल पक्ष के सोमवार को चन्द्रमणि की चांदी की अंगूठी बनवाकर उस महिला को दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (छोटी उंगली के पास वाली उंगली) में पहनानी चाहिए।
6. जिस घर में बिना कारण के तनाव और अशांति का वातावरण बनता हो, उस घर के लोगों को गुरुवार को बाल और दाढ़ी-मूंछ नहीं कटवाना चाहिए।
7. हर महीने में घर के सदस्यों की संख्या और घर में आए सभी अतिथियों की संख्या के बराबर मीठी रोटियां बनाकर जानवरों को खिलाना चाहिए। इससे घर में बीमारी, झगड़े और फिजूल खर्च से छुटकारा मिलेगा।
8. पूर्णिमा को पूरे घर में गंगाजल छिड़कने से शांति और प्रेम बना रहता है।

मंगलवार, मार्च 27, 2018

सिद्ध टोटके और उपाय


1. आर्थिक समस्या के छुटकारे के लिए:
यदि आप हमेशा आर्थिक समस्या से परेशान हैं तो इसके लिए 21 शुक्रवार 9 वर्ष से कम आयु की 5 आप कन्यायों को खीर व मिश्री का प्रसाद बांटें!
2. घर और कार्यस्थल में धन वर्षा के लिए:
इसके लिए आप अपने घर, दुकान या शोरूम में एक अलंकारिक फव्वारा रखें! या एक मछलीघर जिसमें 8 सुनहरी व एक काली मछ्ली हो रखें! इसको उत्तर या उत्तरपूर्व की ओर रखें! यदि कोई मछ्ली मर जाय तो उसको निकाल कर नई मछ्ली लाकर उसमें डाल दें!
3. परेशानी मुक्ति के लिए से:
आज कल हर आदमी किसी न किसी कारण से परेशान है! कारण कोई भी हो आप एक तांबे के पात्र में जल भर कर उसमें थोडा सा लाल चंदन मिला दें! उस पात्र को सिरहाने रख कर रात को सो जांय! प्रातः उस जल को तुलसी के पौधे पर चढा दें! धीरे-धीरे परेशानी दूर होगी!
4. कुंवारी कन्या के विवाह हेतु:
1। यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर "ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः" मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी!
2। प्रत्येक सोमवार को कन्या सुबह नहा-धोकर शिवलिंग पर "ऊं सोमेश्वराय नमः" का जाप करते हुए दूध मिले जल को चढाये और वहीं मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला जप करे! विवाह की सम्भावना शीघ्र बनती नज़र आयेगी
5. व्यापार बढाने के लिए:
1। शुक्ल पक्ष में किसी भी दिन अपनी फैक्ट्री या दुकान के दरवाजे के दोनों तरफ बाहर की ओर थोडा सा गेहूं का आटा रख दें! ध्यान रहे ऐसा करते हुए आपको कोई देखे नही!
2। पूजा घर में अभिमंत्रित श्र्री यंत्र रखें!
3। शुक्र्वार की रात को सवा किलो काले चने भिगो दें! दूसरे दिन शनिवार को उन्हें सरसों के तेल में बना लें! उसके तीन हिस्से कर लें! उसमें से एक हिस्सा घोडे या भैंसे को खिला दें! दूसरा हिस्सा कुष्ठ रोगी को दे दें और तीसरा हिस्सा अपने सिर से घडी की सूई से उल्टे तरफ तीन बार वार कर किसी चौराहे पर रख दें! यह प्रयोग 40 दिन तक करें! कारोबार में लाभ होगा!
6. लगातार बुखार आने पर:
1। यदि किसी को लगातार बुखार आ रहा हो और कोई भी दवा असर न कर रही हो तो आक की जड लेकर उसे किसी कपडे में कस कर बांध लें! फिर उस कपडे को रोगी के कान से बांध दें! बुखार उतर जायगा!
2। इतवार या गुरूवार को चीनी, दूध, चावल और पेठा (कद्दू-पेठा, सब्जी बनाने वाला) अपनी इच्छा अनुसार लें और उसको रोगी के सिर पर से वार कर किसी भी धार्मिक स्थान पर, जहां पर लंगर बनता हो, दान कर दें!
3। यदि किसी को टायफाईड हो गया हो तो उसे प्रतिदिन एक नारियल पानी पिलायें! कुछ ही दिनों में आराम हो जायगा!
7. नौकरी जाने का खतरा हो या ट्रांसफर रूकवाने के लिए :
पांच ग्राम डली वाला सुरमा लें! उसे किसी वीरान जगह पर गाड दें! ख्याल रहे कि जिस औजार से आपने जमीन खोदी है उस औजार को वापिस न लायें! उसे वहीं फेंक दें दूसरी बात जो ध्यान रखने वाली है वो यह है कि सुरमा डली वाला हो और एक ही डली लगभग 5 ग्राम की हो! एक से ज्यादा डलियां नहीं होनी चाहिए!
8. कारोबार में नुकसान हो रहा हो या कार्यक्षेत्र में झगडा हो रहा हो तो :
यदि उपरोक्त स्थिति का सामना हो तो आप अपने वज़न के बराबर कच्चा कोयला लेकर जल प्रवाह कर दें! अवश्य लाभ होगा!
9. मुकदमें में विजय पाने के लिए:
यदि आपका किसी के साथ मुकदमा चल रहा हो और आप उसमें विजय पाना चाहते हैं तो थोडे से चावल लेकर कोर्ट / कचहरी में जांय और उन चावलों को कचहरी में कहीं पर फेंक दें! जिस कमरे में आपका मुकदमा चल रहा हो उसके बाहर फेंकें तो ज्यादा अच्छा है! परंतु याद रहे आपको चावल ले जाते या कोर्ट में फेंकते समय कोई देखे नहीं वरना लाभ नहीं होगा! यह उपाय आपको बिना किसी को पता लगे करना होगा!
10 धन के ठहराव के लिए:
आप जो भी धन मेहनत से कमाते हैं उससे ज्यादा खर्च हो रहा हो अर्थात घर में धन का ठहराव न हो तो ध्यान रखें को आपके घर में कोई नल लीक न करता हो! अर्थात पानी टप-टप टपकता न हो! और आग पर रखा दूध या चाय उबलनी नहीं चाहिये! वरना आमदनी से ज्यादा खर्च होने की सम्भावना रह्ती है!
11. मानसिक परेशानी दूर करने के लिए:
रोज़ हनुमान जी का पूजन करे व हनुमान चालीसा का पाठ करें! प्रत्येक शनिवार को शनि को तेल चढायें! अपनी पहनी हुई एक जोडी चप्पल किसी गरीब को एक बार दान करें!
12. बच्चे के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु के लिए:
1। एक काला रेशमी डोरा लें! "ऊं नमोः भगवते वासुदेवाय नमः" का जाप करते हुए उस डोरे में थोडी थोडी दूरी पर सात गांठें लगायें! उस डोरे को बच्चे के गले या कमर में बांध दें!
2। प्रत्येक मंगलवार को बच्चे के सिर पर से कच्चा दूध 11 बार वार कर किसी जंगली कुत्ते को शाम के समय पिला दें! बच्चा दीर्घायु होगा!
13. किसी रोग से ग्रसित होने पर:
सोते समय अपना सिरहाना पूर्व की ओर रखें! अपने सोने के कमरे में एक कटोरी में सेंधा नमक के कुछ टुकडे रखें! सेहत ठीक रहेगी!
14. प्रेम विवाह में सफल होने के लिए:
यदि आपको प्रेम विवाह में अडचने आ रही हैं तो:
शुक्ल पक्ष के गुरूवार से शुरू करके विष्णु और लक्ष्मी मां की मूर्ती या फोटो के आगे "ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः" मंत्र का रोज़ तीन माला जाप स्फटिक माला पर करें! इसे शुक्ल पक्ष के गुरूवार से ही शुरू करें! तीन महीने तक हर गुरूवार को मंदिर में प्रशाद चढांए और विवाह की सफलता के लिए प्रार्थना करें!
15. नौकर न टिके या परेशान करे तो:
हर मंगलवार को बदाना (मीठी बूंदी) का प्रशाद लेकर मंदिर में चढा कर लडकियों में बांट दें! ऐसा आप चार मंगलवार करें!
16. बनता बिगडता हो काम, लाभ न हो रहा हो या कोई भी परेशानी हो तो :
हर मंगलवार को हनुमान जी के चरणों में बदाना (मीठी बूंदी) चढा कर उसी प्रशाद को मंदिर के बाहर गरीबों में बांट दें!
17. यदि आपको सही नौकरी मिलने में दिक्कत आ रही हो तो :
1। कुएं में दूध डालें! उस कुएं में पानी होना चहिए!
2। काला कम्बल किसी गरीब को दान दें!
3। 6 मुखी रूद्राक्ष की माला 108 मनकों वाली माला धारण करें जिसमें हर मनके के बाद चांदी के टुकडे पिरोये हों!
18. अगर आपका प्रमोशन नहीं हो रहा तो:
1। गुरूवार को किसी मंदिर में पीली वस्तुये जैसे खाद्य पदार्थ, फल, कपडे इत्यादि का दान करें!
2। हर सुबह नंगे पैर घास पर चलें!
19. पति को वश में करने के लिए:
यह प्रयोग शुक्ल पक्ष में करना चाहिए! एक पान का पत्ता लें! उस पर चंदन और केसर का पाऊडर मिला कर रखें! फिर दुर्गा माता जी की फोटो के सामने बैठ कर दुर्गा स्तुति में से चँडी स्त्रोत का पाठ 43 दिन तक करें! पाठ करने के बाद चंदन और केसर जो पान के पत्ते पर रखा था, का तिलक अपने माथे पर लगायें! और फिर तिलक लगा कर पति के सामने जांय! यदि पति वहां पर न हों तो उनकी फोटो के सामने जांय! पान का पता रोज़ नया लें जो कि साबुत हो कहीं से कटा फटा न हो! रोज़ प्रयोग किए गए पान के पत्ते को अलग किसी स्थान पर रखें! 43 दिन के बाद उन पान के पत्तों को जल प्रवाह कर दें! शीघ्र समस्या का समाधान होगा!
20. यदि आपको धन की परेशानी है, नौकरी मे दिक्कत आ रही है, प्रमोशन नहीं हो रहा है या आप अच्छे करियर की तलाश में है तो यह उपाय कीजिए :
किसी दुकान में जाकर किसी भी शुक्रवार को कोई भी एक स्टील का ताला खरीद लीजिए! लेकिन ताला खरीदते वक्त न तो उस ताले को आप खुद खोलें और न ही दुकानदार को खोलने दें ताले को जांचने के लिए भी न खोलें! उसी तरह से डिब्बी में बन्द का बन्द ताला दुकान से खरीद लें! इस ताले को आप शुक्रवार की रात अपने सोने के कमरे में रख दें! शनिवार सुबह उठकर नहा-धो कर ताले को बिना खोले किसी मन्दिर, गुरुद्वारे या किसी भी धार्मिक स्थान पर रख दें! जब भी कोई उस ताले को खोलेगा आपकी किस्मत का ताला खुल जायगा!
21. यदि आप अपना मकान, दुकान या कोई अन्य प्रापर्टी बेचना चाहते हैं और वो बिक न रही हो तो यह उपाय करें :
बाजार से 86 (छियासी) साबुत बादाम (छिलके सहित) ले आईए! सुबह नहा-धो कर, बिना कुछ खाये, दो बादाम लेकर मन्दिर जाईए! दोनो बादाम मन्दिर में शिव-लिंग या शिव जी के आगे रख दीजिए! हाथ जोड कर भगवान से प्रापर्टी को बेचने की प्रार्थना कीजिए और उन दो बादामों में से एक बादाम वापिस ले आईए! उस बादाम को लाकर घर में कहीं अलग रख दीजिए! ऐसा आपको 43 दिन तक लगातार करना है! रोज़ दो बादाम लेजाकर एक वापिस लाना है! 43 दिन के बाद जो बादाम आपने घर में इकट्ठा किए हैं उन्हें जल-प्रवाह (बहते जल, नदी आदि में) कर दें! आपका मनोरथ अवश्य पूरा होगा! यदि 43 दिन से पहले ही आपका सौदा हो जाय तो भी उपाय को अधूरा नही छोडना चाहिए! पूरा उपाय करके 43 बादाम जल-प्रवाह करने चाहिए! अन्यथा कार्य में रूकावट आ सकती है!
22. यदि आप ब्लड प्रेशर या डिप्रेशन से परेशान हैं तो :
इतवार की रात को सोते समय अपने सिरहाने की तरफ 325 ग्राम दूध रख कर सोंए! सोमवार को सुबह उठ कर सबसे पहले इस दूध को किसी कीकर या पीपल के पेड को अर्पित कर दें! यह उपाय 5 इतवार तक लगातार करें! होगा लाभ!
23. माईग्रेन या आधा सीसी का दर्द का उपाय:
सुबह सूरज उगने के समय एक गुड का डला लेकर किसी चौराहे पर जाकर दक्षिण की ओर मुंह करके खडे हो जांय! गुड को अपने दांतों से दो हिस्सों में काट दीजिए! गुड के दोनो हिस्सों को वहीं चौराहे पर फेंक दें और वापिस आ जांय! यह उपाय किसी भी मंगलवार से शुरू करें तथा 5 मंगलवार लगातार करें! लेकिन ... .लेकिन ध्यान रहे यह उपाय करते समय आप किसी से भी बात न करें और न ही कोई आपको पुकारे न ही आप से कोई बात करे! अवश्य लाभ होगा!
24. फंसा हुआ धन वापिस लेने के लिए:
यदि आपकी रकम कहीं फंस गई है और पैसे वापिस नहीं मिल रहे तो आप रोज़ सुबह नहाने के पश्चात सूरज को जल अर्पण करें! उस जल में 11 बीज लाल मिर्च के डाल दें तथा सूर्य भगवान से पैसे वापिसी की प्रार्थना करें! इसके साथ ही "ओम आदित्याय नमः" का जाप करें!