बुधवार, मई 09, 2018

जानिए बाथरूम से जुड़े कुछ काम के टिप्स--.

जानिए बाथरूम से जुड़े कुछ काम के टिप्स--.               💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
1. 💐💐 यदि आप अपने बाथरूम में एक कटोरी में खड़ा यानी साबूत नमक रखेंगे तो आपके घर के कई वास्तु दोष दूर हो जाएंगे।कटोरी में रखा नमक महीने में एक बार बदल लेना चाहिए। खड़ा नमक आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण कर लेता है और वातावरण को सकारात्मक बनाता है।
2.💐💐  घर में बाथरूम का नल या किसी अन्य स्थान का नल लगातार टपकते रहता है तो यह बात छोटी नहीं है,वास्तु में इसे गंभीर दोष माना गया है। नल से पानी टपकना बंद करवाना चाहिए
3. 💐💐 यदि आपके बाथरूम में दर्पण लगा हुआ है तो इसबात का ध्यान रखें कि दर्पण दरवाजे के ठीक सामने न हो।जब-जब बाथरूम का दरवाजा खुलता है, तब-तब घर की नकारात्मक ऊर्जा बाथरूम में प्रवेश करती है।ऐसे समय पर यदि दरवाजे के ठीक सामने दर्पण होगा तो उस दर्पण से टकराकर नकारात्मक ऊर्जा पुन: घर में आ जाएगी।
4. 💐💐 2-3 दिन में कम से कम एक बार पूरा बाथरूम अच्छी तरह साफ करना चाहिए। बाथरूमयदि एकदम साफ रहेगा तो इसका शुभ असर आपकी आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा। साफ-सफाई वाले घरों में देवी-देवताओं की विशेष कृपा रहती है।
5. 💐💐 इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि बाथरूम और कमरे के फर्श के बीच में कुछ दूरी अवश्य हो।बाथरूम और कमरे के फर्श के बीच दूरी बनाने के लिए थोड़ी ऊंची दहलीज बनाई जा सकती है।जब बाथरूम का दरवाजा बंद रहेगा तब दहलीज के कारण दरवाजे के नीचे से भी नकारात्मक ऊर्जा कमरे में प्रवेश नहीं कर पाएगी।*
6. 💐💐 बाथरूम में पानी का बहाव उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए। यदि संभव हो तो बाथरूम घर के नैऋत्य कोण (पश्चिम-दक्षिण दिशा) में बनवाना चाहिए।अगर ये संभव न हो तो वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिमदिशा) में भी बाथरूम बनवाया जा सकता है।
7. 💐💐 गीजर आदि विद्युत उपकरण अग्नि से संबंधित हैं, अत: इन्हें बाथरूम के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में लगाएं।बाथरूम में एक बड़ी खिड़की व एक्जॉस्ट फैन केलिए अलग से रोशनदान होना चाहिए। बाथरूम में गहरे रंग की टाइल्स न लगाएं। हमेशा हल्के रंगकी टाइल्स का उपयोग करें।
8. 💐💐 यदि बाथरूम का दरवाजा बेडरूम में खुलता हो तो उसे खुला रखने से बचना चाहिए। वैसे तो बेडरूम में बाथरूम नहीं होना चाहिए, लेकिन बेडरूम में बाथरूम है तो उसके दरवाजे पर पर्दा भी लगाना चाहिए।बेडरूम और बाथरूम की ऊर्जाओं का परस्पर आदान-प्रदान हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता|.

तिल बताए भविष्य---तिल-से पता चल जाता है कौन है कैसा इंसान

तिल बताए भविष्य---तिल-से पता चल जाता है कौन है कैसा इंसान
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प्राय: शरीर के अलग-अलग अंगों पर तिल के फल
भी अलग-अलग होते हैं। पुरुष के शरीर
पर दाहिनी ओर तिल होना शुभ एवं
लाभकारी माना गया है जबकि महिलाओं के
बायीं तरफ वाले तिल शुभ एवं लाभकारी माने
जाते हैं। यदि किसी के हृदय पर तिल हो तो वह
सौभाग्यवती होती है।
किसी भी व्यक्तिके शरीर पर
बारह से ज्यादा तिल होना अच्छा नहीं माना जाता। बारह
से कम तिलों का होना शुभ फलदायक है।
तिल मात्र सौंदर्य बोधक ही नहीं होते हैं,
ये व्यक्ति के भविष्य में घटित होने वाली घटनाओं
का संकेत भी देते हैं। शरीर के विभिन्न
अंगों पर तिल की स्थिति, उनके रंग और आकृति आदि के
अध्ययन से जातक के भविष्य का अनुमान लगाया जा सकता है।
व्यक्ति के चेहरे पर किसी भी प्रकार के घाव
आदि के चिन्ह या दाग, धब्बा आदि उसके सौंदर्य का नाश करते हैं,
भले ही व्यक्ति के चेहरे का रंग गोरा अथवा सांवला हो।
व्यक्ति के चेहरे पर तिल तो निश्चय ही सौंदर्यवर्धक
हुआ करते हैं। तिल चेहरे की सुंदरता में चार चांद
लगा देते हैं। ऐसी मान्यता भी है
कि व्यक्ति के चेहरे पर काले तिल उसे
लोगों की बुरी नजर से बचाते हैं। इसलिए
आजकल युवतियां अपने चेहरे को सुंदर बनाने के लिए कृतिम तिल
भी बनवा लेती हैं। शरीर के
विभिन्न अंगों पर पाए जाने वाले तिलों का सामान्य फल इस प्रकार है।
चेहरे पर तिल का प्रभाव
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यदि चेहरे पर दाहिने भाग में लाल या काले रंग का तिल हो, तो व्यक्ति
यशस्वी, धनवान तथा सुखी होता हैं।
यदि नीचे के होठ पर तिल का चिन्ह हो,
तो ऐसा व्यक्ति निर्धन होता हैं
तथा जीवन भर गरीबी में दिन
व्यतीत करता हैं। होठ और तिल के बिच
जितनि दूरी हो प्रभाव उतना कम होता जाता हैं।
यदि ऊपर के होंठ पर तिल का चिन्ह हो, तो ऐसा व्यक्ति अत्यधिक
विलासी और काम पिपासु लेकिन धनवान होता हैं।
यदि बायें कान के ऊपरी सिरे पर तिल का चिन्ह हो,
तो व्यक्ति दीर्घायु होता हैं लेकिन
उसका शरीर थोडा कमजोर होता हैं।
यदि नासिका के मध्य भाग में तिल हो, तो व्यक्ति अधिक यात्रा करने
वाला भ्रमण प्रिय एवं दुष्ट स्वभाव का होता हैं।
यदि दाहिनी कनपटी पर तिल हो,
तो व्यक्ति प्रेमी, समृद्ध तथा सुखपूर्ण
अपना जीवन व्यतीत करने वाला होता हैं।
यदि बायें गाल पर तिल का चिन्ह हो, तो गृहस्थ जीवन
सुखमय रहता हैं लेकिन जीवन में धन का अभाव
रहता हैं।
यदि ठोड़ी पर तिल हो, तो वह
व्यक्ति थोडा स्वार्थी एवं अपने काम में
ही लगा रहने वाला होता हैं।
यदि दाहिने कान के पास तिल हो, तो व्यक्ति साहसी होते
हैं।
यदि दाहिनी और भौंह के पास में तिल हो,
तो व्यक्ति कि आंखें कमजोर होती हैं।
यदि दाहिने गाल पर तिल का चिन्ह हो, तो ऐसा व्यक्ति बुद्धिमान
तथा जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति करने वाला होता है।
यदि गर्दन पर तिल हो, तो व्यक्ति बुद्धिमान होते हैं और अपने
प्रयत्नों से धन संचय करने वाला होता हैं।
यदि दाहिनी आंख के नीचले हिस्से पर तिल
का चिन्ह हो, तो वे समृद्ध तथा सुखी होते हैं।
यदि नासिका के बाएं भाग पर तिल हो, तो व्यक्ति अधिक प्रयत्न करने
के बाद सफलता प्राप्त होती है।
यदि बाएं आंख की भौंहों के पास में तिल हो,
तो व्यक्ति एकान्त प्रिय एवं सामान्य जीवन निर्वाह करने
वाला होता है।
यदि दोनों भौंहों के बीच के हिस्से में तिल का चिन्ह हो,
तो व्यक्ति दीर्घायु धार्मिक एवं उदार हृदय के
स्वामी होते हैं।
ललाट पर तिल - ललाट के मध्य भाग में तिल निर्मल प्रेम
की निशानी है। ललाट के दाहिने तरफ का तिल
किसी विषय विशेष में निपुणता, किंतु बायीं तरफ
का तिल फिजूलखर्ची का प्रतीक होता है।
ललाट या माथे के तिल के संबंध में एक मत यह भी है
कि दायीं ओर का तिल धन वृद्धिकारक और
बायीं तरफ का तिल घोर निराशापूर्ण जीवन
का सूचक होता है।
भौंहों पर तिल - यदि दोनों भौहों पर तिल हो तो जातक अकसर
यात्रा करता रहता है। दाहिनी पर तिल सुखमय और
बायीं पर तिल दुखमय दांपत्य जीवन का संकेत
देता है।
आंख की पुतली पर तिल -
दायीं पुतली पर तिल हो तो व्यक्ति के विचार
उच्च होते हैं। बायीं पुतली पर तिल वालों के
विचार कुत्सित होते हैं। पुतली पर तिल वाले लोग
सामान्यत: भावुक होते हैं।
पलकों पर तिल - आंख की पलकों पर तिल हो तो जातक
संवेदनशील होता है। दायीं पलक पर तिल
वाले बायीं वालों की अपेक्षा अधिक
संवेदनशील होते हैं।
आंख पर तिल - दायीं आंख पर तिल स्त्री से
मेल होने का एवं बायीं आंख पर तिल
स्त्री से अनबन होने का आभास देता है।
कान पर तिल - कान पर तिल व्यक्ति के अल्पायु होने का संकेत
देता है।
नाक पर तिल - नाक पर तिल हो तो व्यक्ति प्रतिभासंपन्न और
सुखी होता है। महिलाओं की नाक पर तिल
उनके सौभाग्यशाली होने का सूचक है।
होंठ पर तिल - होंठ पर तिल वाले व्यक्ति बहुत
प्रेमी हृदय होते हैं। यदि तिल होंठ के
नीचे हो तो गरीबी छाई
रहती है।
मुंह पर तिल - मुखमंडल के आसपास का तिल
स्त्री तथा पुरुष दोनों के सुखी संपन्न एवं
सज्जन होने के सूचक होते हैं। मुंह पर तिल व्यक्ति को भाग्य
का धनी बनाता है।
उसका जीवनसाथी सज्जन होता है।
गाल पर तिल - गाल पर लाल तिल शुभ फल देता है। बाएं गाल पर
कृष्ण वर्ण तिल व्यक्ति को निर्धन, किंतु दाएं गाल पर
धनी बनाता है।
जबड़े पर तिल - जबड़े पर तिल हो तो स्वास्थ्य
की अनुकूलता और प्रतिकूलता निरंतर
बनी रहती है।
ठोड़ी पर तिल - जिस
स्त्री की ठोड़ी पर तिल
होता है, उसमें
मिलनसारिता की कमी होती है।
कंधों पर तिल - दाएं कंधे पर तिल का होना दृढ़ता तथा बाएं कंधे पर तिल
का होना तुनकमिजाजी का सूचक होता है।
दाहिनी भुजा पर तिल - ऐसे तिल वाला जातक प्रतिष्ठित व
बुद्धिमान होता है। लोग उसका आदर करते हैं।
बायीं भुजा पर तिल - बायीं भुजा पर तिल
हो तो व्यक्ति झगड़ालू होता है। उसका सर्वत्र निरादर होता है।
उसकी बुद्धि कुत्सित होती है।
कोहनी पर तिल - कोहनी पर तिल
का पाया जाना विद्वता का सूचक है।
हाथों पर तिल - जिसके हाथों पर तिल होते हैं वह चालाक होता है।
गुरु क्षेत्र में तिल हो तो सन्मार्गी होता है।
दायीं हथेली पर तिल हो तो बलवान और
दायीं हथेली के पृष्ठ भाग में हो तो धनवान
होता है। बायीं हथेली पर तिल हो तो जातक
खर्चीला तथा बायीं हथेली के
पृष्ठ भाग पर तिल हो तो कंजूस होता है।
अंगूठे पर तिल - अंगूठे पर तिल हो तो व्यक्ति कार्यकुशल, व्यवहार
कुशल तथा न्यायप्रिय होता है।
तर्जनी पर तिल -
जिसकी तर्जनी पर तिल हो, वह विद्यावान,
गुणवान और धनवान किंतु शत्रुओं से पीड़ित होता है।
मध्यमा पर तिल - मध्यमा पर तिल उत्तम
फलदायी होता है। व्यक्ति सुखी होता है।
उसका जीवन शांतिपूर्ण होता है।
अनामिका पर तिल - जिसकी अनामिका पर तिल हो तो वह
ज्ञानी, यशस्वी, धनी और
पराक्रमी होता है।
कनिष्ठा पर तिल - कनिष्ठा पर तिल हो तो वह व्यक्ति संपत्तिवान
होता है, किंतु उसका जीवन दुखमय होता है।
गले पर तिल - गले पर तिल वाला जातक आरामतलब होता है। गले पर
सामने की ओर तिल हो तो जातक के घर
मित्रों का जमावड़ा लगा रहता है। मित्र सच्चे होते हैं। गले के पृष्ठ
भाग पर तिल होने पर जातक कर्मठ होता है।
छाती पर तिल - छाती पर
दाहिनी ओर तिल का होना शुभ होता है।
ऐसी स्त्री पूर्ण
अनुरागिनी होती है। पुरुष
भाग्यशाली होते हैं। शिथिलता छाई
रहती है। छाती पर बायीं ओर
तिल रहने से भार्या पक्ष की ओर से असहयोग
की संभावना बनी रहती है।
छाती के मध्य का तिल
सुखी जीवन दर्शाता है।
यदि किसी स्त्री के हृदय पर तिल
हो तो वह सौभाग्यवती होती है।
कमर पर तिल - यदि किसी व्यक्ति की कमर
पर तिल होता है तो उस
व्यक्ति की जिंदगी सदा परेशानियों से
घिरी रहती है।
पीठ पर तिल - पीठ पर तिल हो तो जातक
भौतिकवादी, महत्वाकांक्षी एवं रोमांटिक
हो सकता है। वह भ्रमणशील
भी हो सकता है। ऐसे लोग धनोपार्जन
भी खूब करते हैं और खर्च भी खुलकर
करते हैं। वायु तत्व के होने के कारण ये धन संचय
नहीं कर पाते।
पेट पर तिल - पेट पर तिल हो तो व्यक्ति चटोरा होता है।
ऐसा व्यक्ति भोजन का शौकीन व मिष्ठान्न
प्रेमी होता है। उसे दूसरों को खिलाने
की इच्छा कम रहती है।
घुटनों पर तिल - दाहिने घुटने पर तिल होने से गृहस्थ
जीवन सुखमय और बायें पर होने से दांपत्य
जीवन दुखमय होता है।
पैरों पर तिल - पैरों पर तिल हो तो जीवन में भटकाव
रहता है। ऐसा व्यक्ति यात्राओं का शौकीन होता है। दाएं
पैर पर तिल हो तो यात्राएं सोद्देश्य और बाएं पर हो तो निरुद्देश्य
होती हैं।
- दोनों भौंहों के मध्य तिल हो तो एसा जातक
परोपकारी और उदार होगा।
- सिर के राइट साइड में पाया जाने वाल तिल समाज में मान-प्रतिष्ठा दिलाने
वाला होगा।
- मस्तक पर बीच में पाया जाने वाला तिल उस जातक
की फाइनेंशियल कंडीशन को मजबूत
बनाता है।
- गले पर दिखाई पड़ने वाला तिल उस जातक को तेज दिमाग का,
पैसा कमाने में सफल व सेल्फ मेड बनाता है।
- ठोड़ी पर पाया जाने वाला तिल
व्यक्ति को स्वार्थी व समाज से कटा हुआ बनाता है।
- राइट गाल पर तिल उन्नतिशील और
मेघावी होने की सूचना देता है।
- लेफ्ट गाल पर तिल शुभ नहीं माना जाता है, ऐसा तिल
गृहस्थ जीवन में धन का अभाव बताता है।
- नाक के सीधे भाग पर तिल सुखी, धन
संपन्न और नाक के लेफ्ट हिस्से पर तिल परिश्रमी,
कठिनाई से सफलता का सूचक होता है।
- नाक के मध्य तिल हो तो ऐसा जातक स्थिर न रहकर इधर-उधर
भटकता रहने वाला होता है।
- दाएँ हाथ पर तिल शुभ व बाएँ हाथ
की हथेली में तिल अति व्यय का सूचक
होता है।
इस प्रकार तिल भी शुभ-अशुभता के संकेत देते हैं।
महिलाओं में लेफ्ट साइड पर तिल शुभ होता है जबकि पुरुषों में राइट
साइड पर तिल शुभ होता है।
महिला के शरीर पर तिल
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* जिस महिला के गाल पर तिल होता है, उसे अच्छा पति मिलता है।
* महिला के बाईं तरफ मस्तक पर तिल हो तो वह
किसी राजा की रानी बनती है।
* आँख पर तिल हो तो पति की बहुत अधिक प्रिय
होती है।
* गाल पर बाँईं तरफ तिल हो तो ऐशो-आराम का सुख मिलता है।
* कान पर तिल हो तो आभूषण पहनने का सुख मिलता है।
* छाती पर तिल हो तो पुत्र
की प्राप्ति होती है।
* जाँघ पर तिल हो तो नौकर-चाकर का सुख मिलता है।
* पाँव पर तिल हो तो विदेश यात्रा का योग रहता है।
* मस्तक पर तिल हो तो हर जगह इज्जत
मिलती है।
* नाक पर तिल हो तो वह महिला रूपवान होती है, पर
घमंडी होती है।
पुरुषों के शरीर पर तिल का असर
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* जिस पुरुष के सिर (मस्तक) पर तिल होता है, वह हर जगह
इज्जत पाता है।
* आँख पर तिल होता है तो वह नायक पद पाता है।
* मुख पर तिल होता है तो उसे बहुत दौलत मिलती है।
* गाल पर तिल हो तो उसे स्त्री का सुख मिलता है।
* ऊपर के होंठ पर तिल हो तो धन पाता है तथा चारों तरफ इज्जत
मिलती है।
* नीचे के होंठ पर तिल हो तो वह व्यक्ति कंजूस
होता है।
* कान पर तिल हो तो वह खूब पैसे वाला होता है।
* गर्दन पर तिल हो तो उस
व्यक्ति की लंबी उम्र होती है
तथा उसे आराम मिलता है।
* छाती की दाहिनी तरफ तिल
हो तो अच्छी स्त्री मिलती है।
* दाहिने कंधे पर तिल हो तो वह व्यक्ति कलाकार होता है। क्षेत्र
कोई-सा भी हो सकता।
* हाथ के पंजे पर तिल हो तो वह व्यक्ति दिलदार व दयालु
रहता है।
* पाँव पर तिल हो तो उस व्यक्ति के विदेश यात्रा का योग बनता है।

तिलक लगाने के बाद चावल के दाने क्यों लगाए जाते हैं

तिलक लगाने के बाद चावल के दाने क्यों लगाए जाते हैं

ये तो आपने अक्सर देखा होगा कि जब आपके घर में कोई उत्सव, विवाह या पूजा--पाठ का समय होता है, तो इसकी शुभारम्भ व्यक्ति को तिलक लगाकर ही किया जाता है क्योंकि तिलक लगाना शुभ माना जाता है, परन्तु आपने कभी ये सोचा है कि तिलक लगाने के बाद व्यक्ति के माथे पर चावल क्यों लगाए जाते हैं। पूजा--पाठ के समय माथे पर कुमकुम का तिलक लगाते समय चावल के दाने भी ललाट पर जरूर लगाए जाते हैं।
अगर वैज्ञानिक दृष्टि की बात करें तो माथे पर तिलक लगाने से दिमाग में शांति और शीतलता बनी रहती है. इसके इलावा चावल को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है. वही अगर शास्त्रों की बात करें तो चावल को हविष्य अर्थात् हवन में देवी--देवताओ को चढ़ाने वाला शुद्ध अन्न माना जाता है. तभी तो हम हर विशेष अवसरपर चावल अवश्य (जरूर) लगाते हैं। दरसल ऐसा माना जाता है कि कच्चे चावल व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। यही कारण है कि शुभ अवसर पर न केवल माथे पर तिलक लगाया जाता है, बल्कि पूजा की विधि संपन्न करने के लिए भी चावलों का प्रयोग किया जाता है।  आपने अक्सर देखा होगा कि पूजा में तिलक और पुष्प के साथ कुछ मीठा और चावल जरूर होते है. वो इसलिए क्योंकि पूजा की विधि बिना चावलों के पूरी नहीं हो सकती. यही कारण है कि चावलों को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है और इसे माथे पर तिलक के साथ लगाया जाता है. इसके इलावा पूजा में भी कुमकुम के तिलक के ऊपर चावल के दाने इसलिए लगाए जाते हैं ताकि हमारे आस--पास जो नकारात्मक ऊर्जा है, वो दूर जा सके या समाप्त हो सके इसे लगाने का उद्देश्य यही होता है कि वो नकारात्मक ऊर्जा वास्तव में सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित हो सके।
यक़ीनन इसे पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि माथे पर कुमकुम का तिलक लगाने के बाद उसके ऊपर चावल के दाने क्यों लगाए जाते हैं।

मंगलवार, मई 08, 2018

*🌹तांबे की अंगूठी पहनने से मिलते हैं ये 8 लाभ

*🌹तांबे की अंगूठी पहनने से मिलते हैं ये 8 लाभ🌹*

*🌹ज्योतिष में नौ ग्रह बताए गए हैं और सभी ग्रहों की अलग अलग धातु है ग्रहों का राजा सूर्य है और सूर्य की धातु है सोना और तांबा हिन्दू धर्म में सोना चांदी और तांबा ये तीनों धातुएं पवित्र मानी गई हैं इसीलिए पूजा पाठ में इन धातुओं का उपयोग सबसे ज्यादा होता है इसके अलावा इनकी अंगूठी भी काफी लोग पहनते हैं यहां जानिए तांबे की अंगूठी पहनने से कौन-कौन से लाभ मिलते हैं 🌹*

*🌹1. तांबे की अंगूठी सूर्य की उंगली यानी रिंग फिंगर में पहननी चाहिए इससे कुंडली में सूर्य के दोषों का असर कम हो सकता है*

*🌹2. सूर्य के साथ ही तांबे की अंगूठी से मंगल के अशुभ असर भी कम हो सकते हैं*

*🌹3. तांबे की अंगूठी के प्रभाव से सूर्य का बल बढ़ता है जिससे हमें सूर्य देव की कृपा से घर परिवार और समाज में मान सम्मान मिलता है*

*🌹4. तांबे की अंगूठी लगातार हमारे शरीर के संपर्क में रहती है जिससे तांबे के औषधीय गुण शरीर को मिलते हैं इससे खून साफ होता है*

*🌹5. जिस प्रकार तांबे के बर्तन में रखा पानी स्वास्थ्य को लाभ पहुंचात है ठीक उसी प्रकार तांबे की अंगूठी से भी फायदा मिलता है*

*🌹6. तांबे की अंगूठी के असर से पेट से जुड़ी बीमारियों में भी राहत मिल सकती है*

*🌹7. तांबा लगातार त्वचा के संपर्क में रहता है जिससे त्वचा की चमक बढ़ती है*

*🌹8. आयुर्वेद के अनुसार तांबे के बर्तनों का उपयोग करने से हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है यही लाभ तांबे की अंगूठी पहनने से भी मिलता है*

$$मुकदमें में विजय पाने के कुछ खास उपाय l$$

मुकदमें में विजय पाने के कुछ खास उपाय l

1. जब भी आप अदालत में जाएँ तो किसी भी हनुमान मंदिर में धूप अगरबत्ती जलाकर, लड्डू या गुड चने का भोग लगाकर एक बार हनुमान चालीसा और बजरंग बान का पाठ करके संकटमोचन बजरंग बलि से अपने मुकदमे में सफलता की प्रार्थना करें .........आपको निसंदेह सफलता प्राप्त होगी ।

2. आप जब भी अदालत जाएँ तो गहरे रंग के कपड़े ही पहन कर जाएँ ।

3. अपने अधिवक्ता को उसके काम की कोई भी वास्तु जैसे कलम उपहार में अवश्य ही प्रदान करें ।

4. अपने कोर्ट के केस की फाइलें घर में बने मंदिर धार्मिक स्थान में रखकर ईश्वर से अपनी सफलता, अपनी रक्षा के लिए प्रार्थना करें ।

5. यदि ग्यारह हकीक पत्थर लेकर किसी मंदिर में चदा दें और कहें की मैं अमुक कार्य में विजय होना चाहता हूँ तो निश्चय ही उस कार्य में विजय प्राप्त होती है ।

6. यदि आप पर कोई मुसीबत आन पड़ी हो कोई रास्ता न सूझ रहा हो या आप कोर्ट कचहरी के मामलों में फँस गए हों, आपका धैर्य जबाब देने लगा हो, जीवन केवल संघर्ष ही रह गया हो, अक्सर हर जगह अपमानित ही महसूस करते हों, तो आपको सात मुखी, पंचमुखी अथवा ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने चाहियें ।

7. मुकदमे में विजय हेतु कोर्ट कचहरी में जाने से पहले ५ गोमती चक्र को अपनी जेब में रखकर , जो स्वर चल रहा हो वह पाँव पहले कोर्ट में रखे अगर स्वर ना समझ आ रहा हो तो दाहिना पैर पहले रखे , मुकदमे में निर्णय आपके पक्ष में होने की संभावना प्रबल होगी ।

8. जब आप पहली बार मुकदमें से वापिस आ रहे तो रास्ते में किसी भी मजार में गुलाब का पुष्प अर्पित करते हुए ही अपने निवास पर आएँ ।

9. मुकदमें अथवा किसी भी प्रकार के वाद विवाद में सफलता हेतु लाल ध् सिंदूरी मूँगा त्रिकोण की आक्रति का सोने या तांबे मिश्रित अंगूठी में बनवाकर उसे दाहिने हाथ के अनामिका उंगली में धारण करें , इससे सफलता की संभावना और अधिक हो जाती है ।

10. मुकदमें में विजय प्राप्ति हेतु घर के पूजा स्थल में सिद्धि विनायक पिरामिड स्थापित करके प्रत्येक बुधवार को गन गणपतए नमो नमः मंत्र का जाप करें । जब भी अदालत जाएँ इस पिरामिड को लाल कपड़े में लपेटकर अपने साथ ले जाएँ ....आपको शीघ्र ही सफलता प्राप्त होगी ।

11. यदि आपका किसी के साथ मुकदमा चल रहा हो और आप उसमें विजय पाना चाहते हैं तो थोडे से चावल लेकर कोर्ट / कचहरी में जांय और उन चावलों को कचहरी में कहीं पर फेंक दें ! जिस कमरे में आपका मुकदमा चल रहा हो उसके बाहर फेंकें तो ज्यादा अच्छा है ! परंतु याद रहे आपको चावल ले जाते या कोर्ट में फेंकते समय कोई देखे नहीं वरना लाभ नहीं होगा ! यह उपाय आपको बिना किसी को पता लगे करना होगा ।

12. अगर आपको किसी दिन कोर्ट कचहरी या किसी भी महत्वपूर्ण काम के लिए जाना हो , तो आप एक कागजी नींबू लेकर उसके चारों कोनो में एक साबुत लौंग गाड़ दें और ईश्वर से अपने कार्यों के सफलता के लिए प्रार्थना करते हुए उसे अपनी जेब में रखकर ही कहीं जाएँ ....उस दिन आपको सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी ।

13. भोज पत्र पर लाल चन्दन से अपने शत्रु का लिखकर शुद्द शहद में डुबोने से शत्रु के मन में आपके प्रति प्रेम और सहानुभूति के भाव जाग्रत हो जाते है।

14. सूर्योदय से पूर्व काले चावल के 11 दाने क्रीं बीज मन्त्र का 21 बार उच्चारण करते हुए दक्षिण दिशा में डाल दें शत्रु का व्यवहार आपके प्रति बदलना शुरू हो जायेगा ।

15. यदि आपको लगता है की आप सही है आपको गलत फंसाया गया है तो आप जब भी अदालत जाएँ लाल कनेर का फूल भिगो कर उसे पीस कर उसका तिलक लगा कर अदालत में जाएँ परिस्थितियाँ आपके अनुकूल होने लगेगी ।

16. एक मुट्ठी तिल में शक्कर मिलाकर किसी सुनसान जगह में ईश्वर से अपने शत्रु पर विजय की प्रार्थना करते हुए डाल दें फिर वापस आ जाएँ पीछे मुड़ कर न देखे शत्रु पक्ष धीरे धीरे शांत हो जायेगा ।

17. जिस दिन न्यायालय जाना हो उस दिन तीन साबुत काली मिर्च के दाने थोड़ी सी शक्कर के साथ मुँह में डालकर चबाते हुए जाएँ, न्यायालय में अनुकूलता रहेगी ।

18. यदि आपके वकील में ही आपके केस में विजय के प्रति संदेह हो, गवाह के मुकरने या आपके विरुद्ध होने का खतरा हो, जज आपके विपरीत हो तो विधि पूर्वक हत्था जोड़ी को अपने साथ ले जाएँ ......आप चमत्कारी परिवर्तन महसूस करेंगे ।