*हनुमान जी की ध्वजा लगाकर करें वास्तु दोष का समाधान "-*
आइये हम आपको बताते हैं वास्तु शास्त्र के कुछ अहम टिप्स जिसे अपनाकर आप इन सभी समस्यों से निजात पा सकते :-
पंडित भरतलाल शास्त्री ज्योतिषाचार्य,जयपुर घर की बनावट, उसकी दिशा, घर के सामान, पेड़ पौधे बताते हैं कि घर किस ग्रह के प्रभाव में है। सामान्यत: इन बातों को ध्यान में रख कर नया भूखंड खरीदना या बनवाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार एेसा नहीं करने पर लोगों को तमाम तरह की परेशनियों का सामना करना पड़ता है। आइये हम आपको बताते हैं वास्तु शास्त्र के कुछ अहम टिप्स जिसे अपनाकर आप इन सभी समस्यों से निजात पा सकते हैं-
- वास्तु शास्त्र के अनुसार घर, दुकान और फैक्ट्री के नेऋत्य कोण को गोवर्धन पर्वत का चित्र लगाकर ऊँचा और भारी करना चाहिए।
- नये भूखंड खरीदते समय यह ध्यान रखें की भूखंड का नेऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) सभी कोनो से ऊँचा होना चाहिए।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार घर,फैक्ट्रीयां फार्म हॉउस का नेऋत्य कोण सभी कोनों से ऊँचा और भारी होना चाहिए।
- नवनिर्माण करते समय भी ध्यान रखें कि पूरा निर्माण कार्य भूखंड के नेऋत्य कोण में होना चाहिए इससे नेऋत्य कोण का हिस्सा भारी हो जायेगा।
- अगर आपके निर्माण कार्य में नेऋत्य कोण खाली और खुला हुआ है तो यह वास्तु दोष है, इस वास्तु दोष को ठीक करना चाहिए।
- नेऋत्य कोण के खुले हुए हिस्से में पत्थरों से एक पहाड़ जैसा निर्माण कर दें जिससे यह कोणा भारी हो जायेगा।
- नेऋत्य कोण के इस खुले हुए हिस्से में अनुपयोगी सामग्री को रखवा दें।
- नेऋत्य कोण के इस खुले हुए हिस्से में बड़े-बड़े पेड़ पौधे लगवा दें।
- नेऋत्य कोण के दोष निवारण के लिए राहू यंत्र कि स्थापना जरुर करें।
- भूखंड के नेऋत्य कोण में हनुमान जी एक ध्वजा मंगलवार को लगवाने से नेऋत्य कोण भारी हो जाता है।
- भूखंड का नेऋत्य कोण का हिस्सा यदि ज्यादा खुला हुआ है तो एक और दीवाल और बनवा कर भूखंड को दो हिस्से में बांट दें।
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