#वास्तु_की_8_दिशाएं
👉वास्तु के अनुसार 8 दिशाएं बताई गई हैं। इन आठों दिशाओं का अलग-अलग महत्व है और हर दिशा के लिए अलग-अलग नियम हैं।
#उत्तर_पूर्व_दिशा_या_ईशान_कोण
👉यह दिशा दैवीय शक्तियों के लिए श्रेष्ठ होती है। इसलिए यहां मंदिर होना बहुत शुभ रहता है। इस स्थान पर हमेशा साफ-सफाई रहनी चाहिए। इस स्थान पर मंदिर के साथ ही पानी से संबंधित उपकरण भी रखे जा सकते हैं। यदि कोई कन्या अविवाहित है, तो उसे इस कोने में सोना नहीं चाहिए। इससे उसके विवाह में विलंब हो सकता है तथा यहां बाथरूम और टॉयलेट नहीं होना चाहिए।
#दक्षिण_पूर्व_दिशा_या_आग्नेय_कोण
👉इस दिशा में विशेष ऊर्जा रहती है। इस स्थान पर रसोईघर होना सबसे अच्छा रहता है। यहां विद्युत उपकरण भी रखे जा सकते हैं किन्तु यहां पानी से संबंधित चीजें नहीं रखनी चाहिए।
#दक्षिण_पश्चिम_दिशा_नैऋत्य_कोण
👉इसका प्रतिनिधित्व पृथ्वी तत्व करता है। यहां प्लांट रखना बहुत शुभ होता है। यहां पौधे रखने से घर की पवित्रता और सकारात्मकता बनी रहती है। यहां मुख्य बेडरूम या स्टोर रूम भी शुभ फल देता है।
#उत्तर_पश्चिम_दिशा_या_वायव्य_कोण
👉वायु इस कोण का प्रतिनिधित्व करती है। यहां खिड़की या रोशनदान होना शुभ रहता है। इससे स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं एवं पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आ जाती है, क्लेश नहीं होता है। यहां मेहमानों के रहने की व्यवस्था की जा सकती है या ऊपर के फ्लोर पर जाने के लिए सीढ़ियां भी बनाई जा सकती हैं।
#पूर्व_दिशा
👉यहां मुख्य दरवाजा बनाया जा सकता है। यहां पर बच्चों के लिए कमरा भी बनवाया जा सकता है, पढ़ाई या अध्ययन संबंधी कार्य करते हैं तो आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
#पश्चिम_दिशा
👉इस स्थान पर डायनिंग हॉल बनवा सकते हैं। पश्चिम दिशा में दर्पण लगाना भी शुभ होता है। यहां बाथरूम भी बनवाया जा सकता है। गेस्ट रूम भी बनवाया जा सकता है। यहां स्टडी रूम भी शुभ फल प्रदान करता है।
#उत्तर_दिशा
👉इस दिशा का प्रतिनिधित्व धन के देवता करते हैं। यहां धन और मूल्यवान वस्तुएं रखी जा सकती हैं। यहां बैठक की व्यवस्था भी की जा सकती है या ओपन एरिया भी रखा जा सकता है। ध्यान रखें, इस दिशा में बेडरूम नहीं बनवाना चाहिए। यहां स्टोर रूम, स्टडी रूम भी नहीं होना चाहिए।
#दक्षिण_दिशा
👉यहां भारी सामान रखा जा सकता है। यहां पानी का टैंक बनवा सकते हैं और सीढ़ियां बनवा सकते हैं। लेकिन यहां बच्चों का कमरा नहीं बनवाना चाहिए। स्टडी रूम, बाथरूम और खिड़की नहीं होनी चाहिए। यदि इस स्थान पर बेडरूम है तो सोते समय हमारा सिर दक्षिण दिशा की ओर ही होना चाहिए।
#मध्य_का_हिस्सा
👉घर के बीच का हिस्सा खुला रहने से बहुत शुभ रहता है। इस स्थान पर तुलसी का पौधा लगाया जा सकता है। यहां प्रकाश के लिए पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। इस स्थान से ही पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
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