बिक्री बढ़ाने हेतु
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बिक्री बढ़ाने हेतु : ग्यारह गोमती चक्र
और तीन लघु नारियलों की यथाविधि पूजा कर
उन्हें पीले वस्त्र में बांधकर बुधवार या शुक्रवार को
अपने दरवाजे पर लटकाएं तथा हर पूर्णिमा को धूप दीप
जलाएं। यह क्रिया निष्ठापूर्वक नियमित रूप से करें, ग्राहकों
की संख्या में वृद्धि होगी और
बिक्री बढ़ेगी संतान प्राप्ति के लिए • चार
वीरवार को 900 ग्राम जौं चलते जल में बहाए |
• वीरवार का व्रत भी रखना शुभ होगा | •
राधा कृष्णजी के मंदिर में शुक्ल पक्ष के
वीरवार या जन्माष्टमी को चान्दी
की बांसुरी चढाये | • लाल या
भूरी गायें को आट्टे का पेढा व पानी दे |
उपाय मन से करने से मनोकामना पूरण होगी | बच्चों को
वश में करने का अनुभूत मन्त्र प्रयोग आजकल बच्चे नशे या
कुकर्मों में लिप्त होकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। काम
नहीं करते हैं और यूं ही समय बर्बाद
करते हैं। कहना भी नहीं मानते हैं।
अपने माता-पिता की चिन्ता का कारण बने हुए हैं।
दीपावली, ग्रहण या किसी
शुभ मुहूर्त्त में इस मन्त्र को सिद्ध कर लें।
अमुक के स्थान पर जिस बच्चे को वश में करना है या कन्ट्रोल में
लाना है उसका नाम लें। मन्त्र की दस माला करने के
बाद लौंग, इलायची या मिसरी को 21 बार
मन्त्र पढ़कर अभिमन्त्रित कर लें। बाद मे जिसका नाम लें उसे चाय
में या प्रसाद में देकर खिला दें। वह बच्चा वश में हो जाएगा और
आज्ञा मानेगा। यह प्रयोग पहली बार में सफल न हो
तो पुनः करें। मन्त्र इस प्रकार है- ऊं क्लीम्
क्लीम् अमुकं मम वश्यं कुरु कुरु स्वाहा। बुधवार को
बोलें गणेश की 12 नाम मंत्र स्तुति..हर कदम पर
मिलेगी कामयाबी धर्मग्रंथ भगवान गणेश के
संकटनाशक, विघ्रहर्ता स्वरुप, शक्तियों और गुणों की
महिमा का गान करते हैं। दरअसल, श्री गणेश
की उपासना से मिलने वाले फल जीवन में
उन बातों का महत्व और उपयोगिता को समझने और अपनाने पर जोर
देते हैं, जिनमें बुद्धि, कर्म, ज्ञान और पुरुषार्थ प्रमुख हैं।
ये सभी जीवन में हर संकट दूर कर पग-
पग पर सफलता झोली में डाल देते हैं। अगर आप
भी ऐसे ही सफल जीवन
की कामना करते हैं तो सावन माह, बुधवार और विनायक
चतुर्थी के शुभ योग में यहां बताई जा रही
भगवान गणेश की प्रसिद्ध मंत्र स्तुति का पाठ
नीचे बताई आसान विधि से कर मनोरथ सिद्ध करें - -
स्नान के बाद देवालय में भगवान गणेश का ध्यान कर
श्री गणेश मूर्ति या तस्वीर पर सिंदूर,
चंदन, अक्षत, फूल और 21 दूर्वा दल के साथ मोदक, मिठाई या
किसी फल का भोग लगाएं। दूर्वा चढ़ाते वक्त
नीचे लिखा मंत्र बोलें - दूर्वाङ्कुरान् सुहरितानमृतान्
मङ्गलप्रदान्। आनीतांस्तव पूजार्थं गृहाण गणनायक।।
इसके बाद नीचे लिखा 12 नाम मंत्रों के स्मरण का
श्रीसंकष्टनाशनगणेशस्तोत्रम बोलें व श्री
गणेश आरती कर प्रसाद ग्रहण करें - प्रणम्यं
शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम्।
भक्तावासं स्मरेनित्यमायुष्कामार्थसिद्धये।1। प्रथमं वक्रतुण्डं च
एकदन्तं द्वितीयकम्। तृतीयं कृष्णं
पिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्।2। लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं
विकटमेव च। सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ।3। नवमं
भलाचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्। एकादशं गणपतिं द्वादशं तु
गजाननम्।4। द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं य: पठेन्नर:। न च
विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं परम्।5। विद्यार्थी लभते
विद्यां धनार्थी लभते धनम्। पुत्रार्थी लभते
पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ।6। जपेद् गणपतिस्तोत्रं
षडभिर्मासै: फलं लभेत्। संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशय: ।
7। अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा य: समर्पयेत्। तस्य विद्या
भवेत् सर्वा गणेशस्य प्रसादत:।8। अगर सात दिनों में चाहिए
कालसर्प और पितृ दोष से मुक्ति तो... अगर आपकी
कुंडली में पितृ दोष और कालसर्प जैसे बड़े दोष है तो
आप सावन महीने में कुछ अचूक उपाय करें।
श्रावण माह में सात दिनों तक कुछ अचूक उपाय करें तो आपको
कुंडली के इन बड़े दोषों से होने वाले नुकसान से
जल्दी ही छुटकारा मिल जाएगा। सावन को
पवित्र और शिव का महीना माना गया है। इस
महीने में होने वाली शिव पूजा और उपायों
से कई तरह के दोष और बाधाओं से मुक्ति मिल जाती
है। - प्रतिदिन इक्कीस माला ऊँ नम: शिवाय मंत्र का
जप करें। - रोज भगवान शिव का जलाभिषेक करें। - कालसर्पदोष
निवारक यंत्र घर में स्थापित करें और सरसों के तेल का
दीपक लगा कर नियमित पूजन करें।
- नाग के जोड़े चांदी के बनवाकर उन्हें तांबे के लौटे में
रख बहते पानी में एक बार प्रवाहित कर दें। -
प्रतिदिन स्नान कर के नवनागस्तोत्र का पाठ करें। - पितृ देवता को
धूप दें। - गरीब ब्राह्मण को चावल का दान दें। - 10
वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं।
- रोज सुबह कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें।
नागपंचमी: इन मंत्रों से दूर होता है सांपों का डर सांप का
नाम सुनते ही हर किसी को भय का
अनुभव होने लगता है। देखने में आता है कि कई लोग अज्ञात
रूप से सर्प भय से ग्रसित रहते हैं।
ऐसा पूर्व जन्मों के कर्मों के कारण हो सकता है या फिर कालसर्प
दोष के कारण भी यह संभव है। जिन लोगों को
कालसर्प दोष होता है उन्हें सपनें में भी सांप दिखाई
देते हैं। यदि आप भी ऐसी
ही किसी परेशानी से ग्रसित
हैं तो इसका उपाय महाभारत के आदि पर्व में मंत्रों के माध्यम से
बताया गया है। इन मंत्रों का जप विधि-विधान से किया जाए तो
सभी प्रकार के सर्प भय से मुक्ति मिल
जाती है।
स्वागत हें आप सभी का....भाग्य दर्पण में... यहाँ आप सभी जान सकते हें की ज्योतिष द्वारा, मन्त्र द्वारा एवं दान द्वारा केसे अपनी-अपनी परेशानी/विपदा/समस्याओं का निवारण करें.. संपर्क करें----- पंडित प्रदीप उपाध्याय श्री दुर्गा ज्योतिष कार्यालय,जोडलिया मंदिर, लुहार मोहल्ला , लंका गेट मार्ग, झालरापाटन सिटी(राजस्थान) पिनकोड-326023 मोबाईल नंबर--09460045530
सोमवार, मई 14, 2018
💐 दुकान की बिक्री बढ़ाने हेतु उपाय 💐
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