रविवार, मई 13, 2018

💐💐 मंगल दोष के उपाय 💐💐

मंगल दोष के उपाय

रत्न- मंगल ग्रह को बली बनाने हेतु सवा पांच रत्ती से आठ रत्ती तक मूंगा सोने की अंगूठी में अनामिका में शुभ मूहूर्त में धारण करें।
यंत्र- मंगल यंत्र को ताम्रपत्र पर खुदवाकर मंगल की होरा में या भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखकर विधिवत पूजा कर गले में या दायें बाजू में धारण करना चाहिए।
भगवान हनुमान की आराधना करें
ऊं हं हनुमते रूद्रात्मकाय हुं फट कपिभ्यो नम: का 1 माला जाप करें।
हनुमान चालीसा या बजरंगबाण का रोज पाठ करें।
त्रिधातु की अंगुठी बाएं हाथ की अनामिका अंगूली में धारण करें।
मंगलवार से शुरू कर प्रत्येक मंगलवार को 400 ग्राम चावल दूध से धोकर11 मंगलवार लगातार नदी में प्रवाहित करें।
घर में नीम का पौधा लगायें।
बहन, बेटी, मौसी, बुआ, साली को मीठा खिलायें।
बहन, बुआ को कपड़े भेंट न दें।
तंदूर की बनी रोटी कुत्तों को खिलायें।

वैदिक रीति से उपाय-
मंगल ग्रह के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए तथा मंगली दोष के शान्ति हेतु निम्न उपाय करने से इन दोषों का प्रभाव कम हो जाता है।
वैदिक मंत्र- ॐ अग्निमूर्धा दिवः ककुत्पतिः पृथिव्या अयम्। अपा℧ रे ता℧ सिजिन्वति।।
पुराणोक्त मंत्र- ॐ धरणी गर्भ संभूतं विद्युत्कान्ति समप्रभम्।कुमारं शक्ति हस्तं ते मंगल प्रणमाम्यहम्।।
मंगल का तन्त्रोक्त मंत्र- ॐ क्रां क्री क्रौं सः भौमाय नमः।जप संख्या- 10000
मंगल गायत्री मंत्र- ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि, तन्नो भौमः प्रचोदयात्।
मंगल के दान सामग्री- मसूर की दाल, घी, सुवर्ण, मूंगा, ताम्र बर्तन, कनेर पुष्प, लाल चन्दन, लाल वस्त्र, केशर, नारियल, मीठी रोटी, गेहूं , मंगल का दान युवा ब्राह्मण को देना लाभप्रद रहता है।
अन्य उपाय- मंगल वार का व्रत धारण करना चाहिए।
मंगली दोष के कारण यदि किसी कन्या का विवाह नहीं हो पा रहा हो तो मंगला गौरी का व्रत लगातार सात मंगलवार करने से लाभ होता है।
हनुमान चालीसा का पाठ व उपासना करनी चाहिए।
जटा नारियल में सिंदूर, मौली को लाल वस्त्र में लपेटकर मंत्र सहित चलते पानी में बहाना, गाय को मीठी रोटी खिलाना, आदि लाभप्रद रहते हैं।

अगर मंगल नीच राशि मे हो या राहू केतु से प्रभावित हो या अस्त हो या शत्रुक्षेत्री हो,विभिन्न भावों के अनुसार निम्न उपाय करें।
लग्न में मंगल नीच राशि मे हो या अच्छा फल नही कर रहा हो तो बुरे कामों और झूठ से बचें।गले मे त्रिधातू में मंगल यंत्र बना कर धारण करे।
द्वितीय भाव मे मंगल नीच राशि मे हो या अच्छा फल नही कर रहा हो तो ससुराल वालों से आम लोगों के लिए पीने के पानी की सुविधा और व्यवस्था करवाइये।
तीसरे मंगल नीच राशि मे हो या अच्छा फल नही कर रहा हो तो।भाइयों के लिए अच्छे बने। हाथीदांत की वस्तुएं रखें।बाएं हाथ में त्रिधातू की अंगूठी पर पहनें।
चतुर्थ भाव मे मंगल नीच राशि मे हो या अच्छा फल नही कर रहा हो तो किसी बरगद के पेड़ की जड़ों पर मीठा दूध चढाएं और वहां की गीली मिट्टी को अपनी नाभि पर लगाएं।अपने साथ चांदी का एक चौकोर टुकड़ा रखें।दूध और चावल बहते पानी मे प्रवाहित करें मंगलवार को।
पांचवे मंगल के दोष दूर करने के लिए अपना नैतिक चरित्र अच्छा बनाए रखें।रात को अपने बिस्तर के सिरहने एक बर्तन में पानी रखें और सुबह उसे किसी गमले में डाल दें।अपने पूर्वजों की श्राद्ध करें और घर में या घर के पास एक नीम के पेड़ लगाएं। 
मंगल का छठें भाव में अगर बुरे फल मिल रहे हो तो बेटे के जन्म के समय मिठाई की जगह पर नमकीन बांटें।माता पिता के स्वास्थ्य और दुश्मनों के विनाश के लिए गणेश जी की पूजा करें।
सांतवे मंगल अच्छा फल नही कर रहा हो तो देशी खांड चांदी या स्टील के डिबिया में भरकर वीरान स्थान पर गाढ़ दीजिये।घर में चांदी का ठोस टुकड़ा रखें।
आठवें मंगल नीच का हो या अशुभ फ़ल दे रहा हो किसी मिट्टी के बर्तन में ‘देशी खांड’ भरें और श्मशान भूमि के पास दफनाएं।तंदूर की बनी मीठी रोटी कुत्तों को दें।
नवम भाव मे मंगल नीच का हो या अशुभ फ़ल दे रहा हो तो धार्मिक और पूजा स्थलों पर चावल, दूध और गुड़ चढ़ाएं।
दसवें मंगल बुरा फल दे रहा हो तो पैतृक संपत्ति और सोना न बेचे।नही तो इससे परेशानी और बढ़ जाएगी।सरकारी जमीन में गढ्ढा कर उसमे देशी खांड डाले।
ग्यारहवे भाव मे मंगल के अशुभ प्राभव को दूर करने के लिए घर मे किसी मिट्टी के बर्तन में शहद या सिंदूर रखना अच्छे परिणाम देगा।
द्वादश भाव मे मंगल का प्रभाव दूर करने के लिएसुबह खाली पेट शहद का सेवन करें।खुद मिठाई खाइये और दूसरों को भी खिलाइए।छत पर हांड़ी में शहद भर कर रखे।

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