सोमवार, मई 14, 2018

☺ रत्नों को धारण करने का कारण ☺

रत्नों को धारण करने का कारण |

ग्रहों की शांति हेतु तथा जीवन में आने वाले कष्टों से मुक्ति प्राप्त करने के लिए रत्नों को धारण किया जाता है. रत्नों को धारण करने का जब प्रश्न आता है तब बहुत सी बातें हमारे मन में उठती हैं. कौन सा रत्न धारण करना चाहिए. कौन सा रत्न अनुकूल फल प्रदान करेगा. क्या रत्न धारण करने से लाभ होगा, आदि अनेक बातें हैं. यदि अपने जन्म का पूरा विवरण पता है तब कुण्डली में स्थित शुभ ग्रहों के आधार पर रत्न धारण कर सकते हैं. माना कुण्डली में लग्न अथवा लग्न का स्वामी ग्रह निर्बल है और उसके कारण आपको जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है तब आप इनसे संबंधित रत्न धारण कर सकते हैं.

भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है या कुण्डली के शुभ ग्रह कमजोर होकर स्थित है अथवा कुण्डली में त्रिकोण भाव के स्वामी निर्बल है तब आप उनका रत्न धारण कर सकते हैं. रत्न धारण करने से संबंधित ग्रह को बल मिलता है और वह शुभ फल देने में सहायक होता है.

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